केन्द्र सरकार द्वारा निधारित की गई नई घरेलू गैस नीति जिस के अंर्तगत घरेलू गैस उपभोक्ताओं को मिलने वाली सबसिडी अब बैंकों में उनके खातों में जमा होगी।
जिस से सरकार यह चाहती है कि सबसिडी सही गैस उपभोक्ता को मिल सके। वहीं अब घरेलू गैस उपभोक्ताओं को सीधा 24.35 रुपए का नुकसान भी झेलना पड़ेगा।
नई पोलिसी से राज्य सरकार को कोई 250 करोड़ वार्षिक का लाभ प्राप्त होगा। क्योकि उपभोक्ताओं को मिलने वाली सबसिडी में से 24.35 रूपए बैट के तौर पर राज्य सरकार को मिलेंगे।
अति विश्वासनीय सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार पहले घरेलू गौस उपभोक्ता को 430 रुपए में गैस सिलंडर मिलता था। जिस पर राज्य सरकार को बैट के तौर पर 18.13 रुपए मिलते थे। परन्तु अब गैस उपभोक्ता को 990 रुपए में गैस सिलंडर मिलेगा।
जिस में से 560 रुपए सबसिडी मिलनी चाहीए परन्तु उपभोक्ता को 535.65 रुपए उनके खाते में सबसिडी के जमा हो रहे हैं। तथा 24.35 रुपए बैट के राज्य सरकार को मिल रहे हैं। जिस से राज्य सरकार को इस नई पोलिसी के अंर्तगत तकरीबन 250 करोड़ रुपए वार्षिक आमदन होगी।
तथा उपभोक्ताओं को मिलने वाली सबसिडी में से 24.35 रुपए बैट के तौर पर काट लिए जा रहे हैं। इस तरह से घरेलू गैस उपभोक्ताओं को प्रति सिलंडर 560 रुपए सबसिडी मिलने के स्थान पर 535.65 रुपए सबसिडी मिल रही है।
इस से साफ जाहिर है कि गैस उपभोक्ताओं को पहले से 24.65 रुपए प्रति सिलंडर और महिंगा पड़ने लग गया है। घरेलू गैस उपभोक्ताओं ने पंजाब सरकार से पुरजोर मांग की है कि वह सबसिडी में से काटे जाने वाले बैट में छूट दें। तांकि घरेलू गैस उपभोक्ताओं उनकी बनती पूरी सबसिडी उनके खाते में जमा हो सके।