पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता सुखपाल सिंह खैहरा की ओर से प्रदेश के डीजीपी सुमेध सिंह सैनी और मुख्य चुनाव अधिकारी वीके सिंह के बीच गुप्त बैठक के आरोप लगाते हुए भारतीय चुनाव आयोग को लिखे गए पत्र पर कार्रवाई शुरू हो गई है। आयोग ने बुधवार को इस पर गहन विचार-विमर्श किया।
संपर्क किए जाने पर भारत के उप चुनाव आयुक्त डॉ. आलोक शुक्ला ने बताया कि खैहरा ने जो शिकायत की थी, उसके संबंध में फाइल भेज दी गई है। इस पर आयोग में विचार-विमर्श हुआ, लेकिन अभी कोई फैसला नहीं लिया गया है।
ध्यान रहे कि खैहरा ने चुनाव आयोग को लिखे पत्र में आरोप लगाए हैं कि पंजाब के मुख्य चुनाव अधिकारी वीके सिंह ने गत 17 फरवरी को डीजीपी सैनी के साथ उनके सेक्टर-16 स्थित निवास पर बंद दरवाजा मुलाकात की।
खैहरा का आरोप है कि वीके सिंह, डीजीपी सैनी को बचाने के लिए काम कर रहे हैं। इसलिए उन्होंने उक्त मुलाकात के बाद ही सैनी से संबंधित रिपोर्ट आयोग को भेजी।
खैहरा ने इससे पहले आयोग को शिकायत की हुई है कि डीजीपी सैनी के खिलाफ तीन लोगों के गायब होने से संबंधित एक मामले में सीबीआई कोर्ट में चार्जशीट दाखिल है। इसलिए चुनाव के दौरान उनका ड्यूटी पर रहना सही नहीं है।
इस पर आयोग ने पंजाब सरकार से रिपोर्ट तलब की थी, जिसके जवाब में गृह विभाग ने मुख्य चुनाव अधिकारी को भेजी रिपोर्ट में विभिन्न तर्क देते हुए कहा था कि डीजीपी को बदलने की कोई जरूरत नहीं है।
इसी रिपोर्ट को मुख्य चुनाव अधिकारी ने आगे भेजना था, जिससे पहले उनकी डीजीपी के सैनी के साथ गुप्त बैठक का आरोप खैहरा ने लगाया है। उन्होंने आयोग से मांग की है कि इस संबंध में वीके सिंह से जवाब तलब किया जाए।