वाहनों पर बत्ती लगाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट के आदेशों से पंजाब के हालिया नोटिफिकेशन के साथ ही नशे का कारोबार करने वाले तस्करों को भी धक्का लगा है।
अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी के भंडाफोड़ के दौरान एक अकाली नेता की गिरफ्तारी के बाद खुलासा हुआ है कि उसकी लाल बत्ती लगे वाहनों से तस्करी हो रही थी।
सुप्रीम कोर्ट के कड़े रुख को देखकर पंजाब सरकार ने जुलाई में नोटिफिकेशन जारी कर लाल बत्ती लगाने वाले संवैधानिक पदों और अधिकारियों की सूची जारी की थी।
नोटिफिकेशन के बाद भी राज्य में लाल बत्ती के दुरुपयोग को रोकने के लिए पुलिस ने कठोर कार्रवाई नहीं की।
सत्ताधारी अकाली- भाजपा नेताओं के अलावा हारे विधायकों और हलका इंचार्जों ने भी अपने वाहन पर लाल बत्ती लगा रखी हैं।
अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्कर जगदीश भोला की गिरफ्तारी के बाद पटियाला पुलिस ने अकाली नेता बिट्टू औलख को गिरफ्तार किया।
पूछताछ में पता चला है कि उसकी लाल बत्ती वाले वाहन के जरिए ड्रग की तस्करी हो रही थी और इसमें कुछ पंजाब पुलिस के कुछ गनमैन भी शामिल थे जो एक अकाली विधायक की सुरक्षा के लिए मुहैया कराए गए थे।
नए निर्देश का पालन किया जाएगा: बैंस
प्रमुख सचिव गृह डीएस बैंस ने कहा कि पंजाब सरकार ने लाल बत्ती के उपयोग के लिए बाकायदा नोटिफिकेशन जारी किया है।
सर्वोच्च न्यायालय के नए दिशा निर्देश के बारे में उन्हें जानकारी नहीं है जैसे ही नए निर्देश का कापी आएगी उसका पालन किया जाएगा।
इनकी छिनेगी लाल बत्ती
मुख्य संसदीय सचिव, संसदीय सचिव, चीफ सेक्रेटरी, स्टेट लेवल बोर्ड कारपोरेशन के चेयरमैन, एडीजीपी, आईजी जोनल, कमिश्नर और एसएसपी, एक्साइज एंड टैक्सेशन कमिश्नर, स्टेट ट्रांस्पोर्ट कमिश्नर, मुख्यमंत्री के सभी सलाहकार और सभी मेयर।