मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने कहा कि राज्य को नशा मुक्त बनाने में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी। राज्य से जिला स्तर तक इस बाबत कमेटियों का गठन किया जाएगा। इन कमेटियों में पुलिस, स्वास्थ्य विभाग के कर्मी और आम लोग भी शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा डिप्टी मेडिकल कमिश्नरों को स्वास्थ्य विभाग द्वारा शुरू किए नशा मुक्ति केंद्रों की देखरेख के लिए नोडल अधिकारी के तौर पर तैनात किया गया है। यह अधिकारी अपने जिले में नशा मुक्ति केंद्रों को सफलतापूर्वक चलाएंगे।
बादल रविवार को मुक्तसर के सिविल अस्पताल में बनाए जाने वाले नशा मुक्ति केंद्र का जायजा लेने पहुंचे थे। उन्होंने घोषणा की कि मुक्तसर में 12 बिस्तरों का नशा मुक्ति केंद्र शीघ्र शुरू किया जा रहा है। यहां मनोरोग विशेषज्ञ की नियुक्ति की जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार नशे के खात्मे के लिए संकल्पबद्ध है। इसके लिए सिविल, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग संयुक्त रुप से काम कर रहा है। इसके तहत सरकार द्वारा नशे की सप्लाई लाइन तोड़ दी गई है। वहीं नशे के आदी लोगों का इलाज कराया जा रहा है।
मुक्तसर में पांच कम्युनिटी हेल्थ सेंटरों पर भी इलाज की सहूलियत मुहैया कराई गई है। राज्य सरकार द्वारा सरकारी डॉक्टरों को नशों के आदी मरीजों के इलाज के लिए विशेष सिखलाई दी गई है। शीघ्र ही राज्य के 22 जिलों में पुनर्वास केंद्र भी स्थापित किए जाएंगे। बादल ने माना कि राज्य में मनोरोग विशेषज्ञों की कमी है, मगर एमबीबीएस डॉक्टरों को पीजीआई से विशेष सिखलाई दी जाएगी ताकि नशा छोड़ने के इच्छुक लोगों का सही इलाज हो सके। इस अवसर पर पंजाब एग्रो के चेयरमैन दयाल सिंह कोलियांवाली, शिअद के जिला अध्यक्ष मनजीत सिंह बरकंदी, सर्किल अध्यक्ष मनजिंदर सिंह बिट्टू, डीसी जसकिरन सिंह, एसएसपी कुलदीप सिंह चाहल और सिविल सर्जन डॉ. नरिंदर सिंह उपस्थित थे।
जगमीत बराड़ की माता को दी श्रद्धांजलि
मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने रविवार को ऑल इंडिया कांग्रेस के सदस्य और पूर्व सांसद जगमीत सिंह बराड़ तथा पूर्व विधायक रिपजीत सिंह बराड़ की माता स्व. जगदीश कौर के अंतिम अरदास समागम में भी हिस्सा लिया। इस दौरान सीएम ने जगदीश कौर को श्रद्धांजलि भेंट करते हुए बराड़ परिवार के साथ हमदर्दी जाहिर की। इस मौके पर उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल और लोक संपर्क मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया ने भी शोक संदेश भेजे।