पीपीपी अध्यक्ष मनप्रीत सिंह बादल ने कहा कि राहुल गांधी अगर 1984 दंगों पर माफी मांग लेते तो वह छोटे नहीं हो जाते और न ही इससे उसका सियासी कद कम होता। मनप्रीत सिंह बादल पुत बचाओ मुहिम के तहत रविवार को रोपड़ के बेला चौक में रैली करने के लिए आए थे।
इस मौके पर उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि राहुल गांधी को 84 के दंगों के दोषियों के नाम सार्वजनिक करने चाहिए। उन्होंने कहा कि 1984 के दंगों का सभी सियासी पार्टियां फायदा ले रही हैं और बयानबाजी भी सच्चे मन से नहीं की जा रही। उन्होंने कहा कि इंसाफ दिलवाने के लिए सच्चे मन से काम करना चाहिए। मनप्रीत बादल ने कहा कि आने वाले लोकसभा चुनावों में वह सभी 13 सीटों पर चुनाव लड़ेंगे।
वह अभी किसी से गठजोड़ नहीं कर रहे। उन्होंने कहा कि आप ने किसी के साथ चुनाव लड़ने से इंकार कर दिया है और उन्होंने अकेले चुनाव लड़ने की बात कही है। इस दौैरान मनप्रीत सिंह बादल ने अकाली दल सरकार को नशा तस्करी के मामले में घेरते हुए कहा कि अकाली दल हमेशा कहता है कि नशा बार्डर से आता है पर बार्डर तो पाकिस्तान से साथ राजस्थान के साथ पंजाब से तीन गुना ज्यादा लगता है और सरहद के साथ तो गुजरात-कश्मीर का भी बार्डर लगता है पर नशा पंजाब में ही क्यों ज्यादा बिक रहा है।
उन्होंने कहा कि धार्मिक लीडरशिप को इसके लिए पहल करनी चाहिए और गुरुद्वारों के हुकमनामों के साथ साथ अन्य धार्मिक स्थानों से फतवे आएं कि जो लोग नशा बेचते हैं वह सोसाइटी का हिस्सा नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि वह बिक्रम मजीठिया को नसीहत देते हैं कि अगर वह बेकसूर हैं तो उन्हें डर नहीं होना चाहिए। दूध का दूध पानी का पानी हो जाएगा। उन्होंने कहा कि अगर अकाली दल को सीबीआई जांच से डर लगता है तो किसी रिटायर्ड जज या फिर हिमाचल, हरियाणा और राजस्थान की पुलिस से जांच करवा लेनी चाहिए।
पंजाब के बड़े मंत्री पर संगीन आरोप लगे तो लगना चाहिए कि इंसाफ हुआ है। मनप्रीत बादल ने कहा कि वह एक महीने में पंजाब के 22 जिलों में जाकर लोगों की रिपोर्ट तैयार करेंगे और एक मार्च को वह चंडीगढ़ में प्रेस कान्फ्रेंस कर नशा बेचने वालों की रिपोर्ट लोगों के सामने लेकर आएंगे। इस मौके पर उनके साथ जिला अध्यक्ष बलवंत सिंह गिल भी मौजूद थे।
मनप्रीत सिंह बादल ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि जदों तुसी कचहरी विच जांदे हो तां उत्थे माई दियां अक्खां ते पट्टी बन्नी हुंदी है ते उसनू एह नहीं पता हुंदा कि अगे कोण है ते इंसाफ दा ते यह हाल है कि उहना दा दिल करदा है कि उह उस तकडी विच जा के सिर मारन।