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'सरबजीत के सिर को जेल में बुरी तरह कुचला गया'

Tue, 30 Apr 2013 08:36 AM IST
चंडीगढ़//ब्यूरो/एजेंसी
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लाहौर की जेल में सरबजीत सिंह के सिर और चेहरे को बुरी तरह कुचला गया है, इतना कि उसे पहचानना भी मुश्किल हो रहा है। खुद सरबजीत की बहन दलबीर कौर ने अपने भाई को मिले इन जख्मों का खुलासा किया।
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सोमवार शाम लाहौर के जिन्ना अस्पताल में सरबजीत को देखने के बाद दलबीर कौर ने फोन पर ‘अमर उजाला’ से बातचीत में कहा कि पाकिस्तानी पंजाब के प्रशासन ने परिवार के एक सदस्य को अस्पताल के अंदर जाने की अनुमति दी थी, लेकिन मैंने खुद सरबजीत की बेटियों को अस्पताल में नहीं रुकने दिया।

...और अब कहते हैं कि आप दुआ करो
बेटियां अपने पिता के सुंदर चेहरे वाले फोटो को देखकर बड़ी हुई हैं, वे उसे इस हालत में कैसे देख पातीं। उन्होंने कहा कि सरबजीत को साजिश के तहत मार डालने की कोशिश की गई और अब कहते हैं कि आप दुआ करो। दुआ तो तब कुबूल होगी जब उसे जिंदा रहने लायक छोड़ा होता।
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लाहौर के वकील ओवैश शेख ने बताया कि पंजाब के भिखीविंड निवासी सरबजीत सिंह की बहन, दोनों बेटियों और पत्नी को डाक्टरों ने कहा कि हर दर पर दुआ मांगिए, दवा काम नहीं कर रही।

इस पर पूरा परिवार सोमवार सुबह ही लाहौर से करीब 100 किमी दूर ननकाना साहिब गुरुद्वारे दुआ करने गया।
लेकिन, जब पता चला कि डॉक्टरों के पैनल ने सरबजीत को इलाज के लिए बाहर से भेजने से मना कर दिया तो परिवार करीब तीन बजे गुरुद्वारे से सीधे अस्पताल आ गया।

सरबजीत को ‘बाहर’ भेजा तो खुल जाएगी पाक की पोल

पाकिस्तान ने सरबजीत सिंह को इलाज के लिए विदेश भेजने से इंकार कर दिया है। पाकिस्तान ने सोमवार को कहा कि कोट लखपत जेल में हमले का शिकार हुए सरबजीत का लाहौर के जिन्ना अस्पताल में बेहतर इलाज किया जा रहा है। उसे विदेश भेजने की कोई योजना नहीं है।

सरबजीत की हालत नाजुक
वहीं, सरबजीत की हालत जस की तस बनी हुई है। दुआओं का भी उस पर कोई असर होता नहीं दिख रहा है। इस बीत भारत ने पाकिस्तान से सरबजीत को मानवीयता के आधार पर रिहा करने और उस पर हमला करने वालों को दंडित करने की मांग की है।

भारत भेजने पर विचार करे पाक
भारत ने कहा है कि पाकिस्तान सरबजीत को भारत भेजने पर विचार करे, यहां उसे बेहतर इलाज दिलाया जाएगा। दिल्ली में विदेश मंत्रालय की ओर से सोमवार को जारी बयान में कहा गया है कि पाकिस्तान को इस मामले को मानवीयता के आधार पर देखना चाहिए।

मामले की पूरी जांच कर सरबजीत पर हमला करने वालों को भी सजा दिलानी चाहिए। गृह राज्यमंत्री आरपीएन सिंह ने भी कहा कि भारत सरबजीत के इलाज में सहयोग करने के लिए पूरी तरह तैयार है।

दिमाग की सर्जरी बड़ी चुनौती
इसलामाबाद में पाकिस्तान के सूचना मंत्री आरिफ निजामी ने इन मीडिया रिपोर्टों को खारिज कर दिया कि एक मेडिकल बोर्ड सरबजीत को विदेश भेजने पर विचार कर रहा है। इससे पहले जिन्ना अस्पताल में डॉक्टरों के चार सदस्यीय पैनल ने सोमवार सुबह सरबजीत की जांच की।

सूत्रों के मुताबिक सरबजीत के दिमाग की सर्जरी को डॉक्टर बड़ी चुनौती मान रहे हैं। डॉक्टरों को उसके बचने की उम्मीद कम है। जेल में छह कैदियों ने उस ईंट और धारदार चीजों से हमला किया था, जिसमें उसके सिर और शरीर पर गंभीर चोटें पहुंची हैं।

एक पाकिस्तानी वकील ने वहां सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर भारतीय कैदी सरबजीत सिंह को इलाज के लिए ब्रिटेन भिजवाने की मांग की है।

वकील जफरउल्ला ने याचिका में कहा है कि लाहौर के अस्पताल में भर्ती सरबजीत की हालत बेहद नाजुक है। वह कोमा में है, उसे बेहतर इलाज की जरूरत है।

याचिका में यह भी कहा गया है कि सरबजीत समेत मौत की सजा पाए 120 कैदियों को रिहा किया जाना चाहिए क्योंकि ये सभी उम्र कैद के बराबर सजा जेल में काट चुके हैं।

सदा-ए-सरहद बस रोकने की योजना विफल
पाकिस्तान की जेल में भारतीय कैदी सरबजीत सिंह पर हुए जानलेवा हमले के विरोध में सोमवार को सदा-ए-सरहद बस को घेरने की तैयारी की गई। लेकिन इससे पहले ही हिंदू जागृति मंच के प्रधान मनदीप बख्शी और उनके साथियों को लांबड़ा पुलिस ने उनके घर में ही नजरबंद कर लिया।
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पुलिस ने उनके साथ 50 के करीब समर्थकों को भी रोके रखा। हालांकि पुलिस ने सदा-ए-सरहद का रूट बदल उसे करतारपुर से ही कपूरथला के रास्ते निकाल दिया था।
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