मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने कहा कि पंजाब से उद्योगों के पलायन करने संबंधी कांग्रेसी नेताओं द्वारा शुरू की मुहिम को गुमराहकुन बताया है।
उन्होंने पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष प्रताप सिंह बाजवा को अपने इन बयानों को साबित करने के लिए चुनौती दी है।
बादल मंगलवार को कसबा लौंगोवाल में संत हरचंद सिंह लौंगोवाल के शहीदी समागम के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इस सरहदी राज्य में उद्योगों की तबाही के लिए केंद्र सरकार जिम्मेवार है।
केंद्र सरकार ने पडौसी पहाड़ी राज्यों को रिआयतें दी हैं, जिससे पंजाब के उद्योग को ठेस लगी है। लेकिन कांग्रेस के नेता इस संबंधी अपनी केंद्रीय लीडरशिप खिलाफ कुछ भी नहीं बोलते।
उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार सभी मोरचों पर फेल हो चुकी है और रुपये की कीमत में लगातार गिरावट इसकी एक प्रमुख उदाहरण है।
बादल ने कहा कि कांग्रेस ने किसानी को तबाह कर दिया है। देश के अन्न भंडार में सुरक्षित होने के बावजूद पंजाब की किसानी 32 हजार करोड़ रुपये के कर्ज में डूबी पड़ी है। यह केंद्र की गलत नीतियों का नतीजा है।
इस मौके पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने कहा कि देश इस समय गंभीर संकट का सामना कर रहा है, क्योंकि चीन और पाकिस्तान देश की प्रभूसत्ता के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रहे हैं। यूपीए सरकार दोनों देशों को मुंह तोड़ जवाब देना चाहिए।
पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा के राष्ट्रीय बुलारे शाह नवाज हुसैन ने कहा कि शहीद हरचंद सिंह लौंगोवाल ने राष्ट्रीय एकता और अख्डंता की खातिर अपने जीवन का बलिदान दिया लेकिन यह दुर्भाग्य की बात है कि केंद्र सरकार सिर्फ उन लोगों को ही शहीद मानती है जो एक विशेष परिवार से संबंध रखते हैं।
इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार, राज्य सभा सदस्य सुखदेव सिंह ढींढसा, वित्त मंत्री परमिंदर सिंह ढींढसा, बलविंदर सिंह भुंदड़, ग्रामीण विकास और पंचायत मंत्री सुरजीत सिंह रखड़ा, मुख्यमंत्री के राजसी सलाहकार महेशइंद्र सिंह ग्रेवाल, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष कमल शर्मा, संत बलवीर सिंह घुन्नस, प्रकाश चंद गर्ग, फरजाना आलम (तीनों मुख्य संसदीय सचिव), गोबिंद सिंह लौंगोवाल, दलजीत सिंह चीमा, इकबाल सिंह झुंदा सहित अन्य हाजिर थे।