आम आदमी पार्टी ने पंजाब से राज्यसभा के लिए पद्मश्री से सम्मानित जिन दो शख्सियतों को नामित करने की घोषणा की है, उनमें शामिल विक्रमजीत सिंह साहली, मूल रूप से फरीदकोट जिले के निवासी हैं और इन दिनों उनका परिवार व कारोबार दिल्ली में है।
पढ़ाई पूरी करने के बाद विक्रमजीत सिंह साहनी ने कुछ साल तक कोल इंडिया लिमिटेड में नौकरी की और उसके बाद परिवार के साथ मिलकर दिल्ली में अपना कारोबार शुरू कर लिया। देखते ही देखते उनके कारोबार ने दिन दोगुनी रात चौगुनी तरक्की करते हुए देश में सन ग्रुप खड़ा कर लिया।
समाजसेवा के क्षेत्र में बेहतरीन सेवाओं के चलते उन्हें कई तरह के अवॉर्ड्स से नवाजा जा चुका है और भारत सरकार की तरफ से उन्हें पद्मश्री से नवाजा गया।
विक्रमजीत सिंह साहनी के कॉलेज अध्यापक रहे प्रो. दलबीर सिंह ने बताया कि विक्रमजीत सिंह साहनी को बचपन से ही गायकी का शौक रहा। कॉलेज के समय में भी वह स्टेज की शान रहा और कॉलेज के हर कार्यक्रम में गुरूबाणी का पाठ करता था। दिल्ली में कारोबार विकसित करने के साथ-साथ उन्होंने समाजसेवा व धार्मिक गायकी के माध्यम से अपनी अलग पहचान कायम की है। प्रो. दलबीर सिंह के अनुसार खालसा पंथ के 300 साला के उपलक्ष्य में सरकारी बरजिंदरा कॉलेज में करवाए गए समारोह में विक्रमजीत सिंह साहनी विशेष रूप से पधारे थे और उन्होंने कॉलेज में एक कंप्यूटर लैब स्थापित करवाने का वादा भी किया था। भले ही विक्रमजीत सिंह साहनी का पिछले कई सालों से फरीदकोट से नाता टूटा हुआ था लेकिन उनके राज्यसभा सांसद नामित होने से फरीदकोट व कोटकपूरा शहर में लोग काफी खुश नजर आ रहे हैं।