रेलवे घूसकांड में सीबीआई अब आरोपियों की बातचीत की रिकॉर्डिंग की सेंट्रल फोरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (सीएफएसएल) से जांच करवाएगी।
सीबीआई सीएफएसएल की रिपोर्ट के जरिये यह पता करेगी कि जो लगभग एक हजार फोन कॉल डिटेल्स उनके पास हैं, उनमें आवाज किन-किन आरोपियों की है। इस रिकार्डिंग में जिन-जिन का नाम लेकर बात की गई है, वह आवाज उन्हीं की है या नहीं।
इससे जहां नामजद आरोपियों की वॉयस मैचिंग के सबूत जुटाए जाएंगे, वहीं कई अन्य नामों का भी खुलासा होने की उम्मीद है।
सीबीआई के पास पूर्व रेल मंत्री पवन बंसल के भांजे विजय सिंगला, घूस देने के आरोपी महेश कुमार और निजी सचिव राहुल भंडारी की बातचीत के रिकार्ड हैं।
अब तक बातचीत में इस्तेमाल नामों के आधार पर आशंका जताई जा रही थी कि बंसल सहित कुछ और लोग भी इसमें शामिल हैं।
सीबीआई इस बात की भी छानबीन कर रही है कि आखिरकार फोन पर हुई बातचीत में जिन नामों का खुलासा किया गया है, वह सही है या गलत।
वॉयस आइडेंटिफिकेशन टेस्ट के आधार पर आरोपियों की दूसरे पक्ष से हुई बातचीत के आधार पर आवाज का मिलान किया जाएगा। इसके लिए सीबीआई ने वॉयस सैंपल सीएफएसएल को भेज दिए हैं।
सीबीआई की नजर पिछले दो महीने के दौरान हुई आरोपियों की बातचीत पर टिकी हुई थी। इस दौरान किए गए एक हजार से अधिक कॉल्स की शुरुआती जांच में बंसल और उनके ओएसडी व रिश्तेदार वितुल कुमार सहित कुछ और लोगों के नाम भी इस मामले से जुड़ने लगे।
वॉयस रिकॉर्डिंग की रिपोर्ट आने से यह साफ हो जाएगा कि आखिरकार रिश्वत प्रकरण के तार किन से और कब से जुड़े हुए हैं।