ये विदेशी हैंडलर पंजाब में रंगदारी, फिरौती, टारगेट किलिंग, कॉन्ट्रैक्ट किलिंग, गैंगवार, हथियार व नशा तस्करी, लूट, डकैती, हवाला, वारदात के लिए गाड़ियां, किराये के मकान, सिम, हथियार आदि उपलब्ध कराना, आतंकी गतिविधियों के लिए फंडिंग की व्यवस्था करना, ग्रेनेड, आईईडी व अन्य हिंसक हमले करवाने जैसे अपराधों को ऑपरेट करते हैं। इसके लिए वे स्थानीय मॉड्यूल का इस्तेमाल करते हैं।
पुलिस के हत्थे चढ़े कई गुर्गे
विदेशी हैंडलरों के कई ऐसे गुर्गे हैं जिन्हें विभिन्न तरह का लालच देकर अपराध की दुनिया में उतारा तो गया मगर वे पुलिस के हत्थे चढ़ गए। इनमें एजीटीएफ द्वारा पकड़ा गया मंदीप सिंह उर्फ छोटा मनी और उसका साथी जतिंदर सिंह भी शामिल है। इन्हें विदेश में बसाने का झांसा दिया गया था। पुलिस के अनुसार मंदीप ने सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड के आरोपियों को ठिकाने उपलब्ध करवाए थे। इसी तरह अमनप्रीत सिंह, परविंदर सिंह व माया को पुलिस ने पकड़ा था। उन पर कुछ गैंगस्टरों को रेलवे स्टेशन से लाने, ठहरने की व्यवस्था करने और अन्य लॉजिस्टिक मदद देने का आरोप था। इसी तरह युवती माया गैंगस्टर ग्लैमर कल्चर का शिकार हुई। पुलिस के अनुसार माया की इंस्टाग्राम के जरिये रोहित गोदारा से बातचीत हुई थी। उसके शरीर पर बंदूक के निशान वाले टैटू थे और वह गैंगस्टर संस्कृति से काफी प्रभावित थी। इसी तरह कई अन्य युवा भी लालच में फंसकर विदेशी हैंडलरों के हत्थे चढ़े।
इन गैंगस्टरों की युवाओं पर नजर
विदेशी जमीन से कई गैंगस्टरों की नजर पंजाब की जवानी पर है। ये लोग युवाओं को सूबे में अपना गुर्गा बनाने के लिए हर तरह के हथकंडे अपना रहे हैं। इन गैंगस्टरों में मुख्यत: सतिंदरजीत सिंह उर्फ गोल्डी बराड़, लक्की पटियाल, अर्शदीप सिंह उर्फ अर्श डल्ला, लखबीर सिंह उर्फ लांडा, हरविंदर सिंह संधू उर्फ रिंदा, रोहित गोदारा, सुप्रीत सिंह उर्फ हैरी चट्ठा, बलविंदर सिंह उर्फ डोनी बाल, गोपी घनशामपुरिया, अमृतपाल सिंह उर्फ अमृत बाथ इत्यादि शामिल हैं।