युवाओं पर कंट्रोल करना जरूरी
खालसा एड के रवि सिंह ने एक वीडियो जारी कर कहा है कि युवाओं और बुजुर्गों में तालमेल की कमी हो गई है। युवाओं को साथ लेकर चलना होगा और उन पर कंट्रोल भी जरूरी है। यह भी सोचने की जरूरत है कि लाल किले तक युवा कैसे पहुंचे। गणतंत्र दिवस पर जहां परिंदा पर नहीं मार सकता, वहां तक युवा पहुंचने में सफल हो गए।
किरती किसान यूनियन के उपाध्यक्ष राजिंदर सिंह का कहना है कि हमारा मुद्दा खेती कानून रद्द करवाने का है। इस हिंसा के बाद हमारा खेती कानूनों का मुद्दा जमीन पर रह गया और बाकी मुद्दे उछाल दिए गए। हमारे साथी निराश हैं। किसान जत्थेबंदियों ने ट्रैक्टर परेड निकलानी थी, उसको सफलतापूर्वक निकाला। एक फरवरी को संसद तक पैदल मार्च निकालना है। इंटरनेट बंद कर हमारे अधिकारों को खत्म किया गया है। ट्रैक्टर परेड आखिरी पड़ाव नहीं है। किसान जत्थेबंदियों के फैसले को मानना चाहिए। हमें ऐसे लोगों की पहचान करनी होगी। युवाओं को भड़काया जा रहा है, उनको स्टेज पर कब्जा करने के लिए उकसाया जाता रहा है। यह लोग जत्थेबंदियां नहीं एक गिरोह है।