गुरुद्वारा श्री अकाल बुंगा में 23 नवंबर की सुबह पुलिस-निहंग सिंह विवाद के विरोध मेंशिरोमणि अकाली दल और एसजीपीसी की ओर से पंजाब सरकार केखिलाफ गुरुद्वारा साहिब के बाहर पक्का मोर्चा लगा दिया गया है। इस संयुक्त रोष प्रदर्शन में 23 नवंबर की घटना की कड़े शब्दों में निंदा की गई और पुलिस की कार्रवाई को गलत करार दिया गया।
इस रोष प्रदर्शन में शामिल शिरोमणि अकाली दल के हलका प्रभारी और एसजीपीसी के सदस्य जत्थेदार बलजीत सिंह, शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पूर्व महासचिव गुरचरण सिंह ग्रेवाल, शिरोमणि अकाली दल के महासचिव राजिंदर सिंह मेहता, शिरोमणि अकाली दल सुल्तानपुर लोधी के हलका प्रभारी कैप्टन हरमिंदर सिंह, एसजीपीसी सदस्य जरनैल सिंह डोगरावाल, एसजीपीसी सदस्य गुरप्रीत कौर व इंजीनियर स्वर्ण सिंह ने कहा कि सरकार को जगाने के लिए यह धरना प्रदर्शन रोजाना हुआ करेगा।
इसमें सूबे के विभिन्न हलकों से लोग शामिल हुआ करेंगे। इन लोगों ने कहा कि यह हिंसक घटना गोली चलने के बाद हुई। इसमें एक होमगार्ड के जवान की मौत के लिए पंजाब के मुख्यमंत्री ही जिम्मेदार हैं, क्योंकि वह सूबे के गृह मंत्री भी हैं। उन्होंने साफ किया की यदि पंजाब सरकार ने अपने इस मामले में उचित कार्रवाई न की तो इस प्रदर्शन को और तेज किया जाएगा।
इस अवसर पर गुरुद्वारा श्री बेर साहिब के मैनेजर जरनैल सिंह बुले, पूर्व सचिव महिंदर सिंह आहली, उपप्रबंधक भाई चंचल सिंह आहली, पूर्व चेयरमैन गुरजंट सिंह संधू, दिलबाग सिंह गिल, अमरजीत सिंह खिंदा, एससी विंग के जिला अध्यक्ष कुलदीप सिंह बुले, मोहन सिंह, दिलबाग सिंह सरपंच, राजिंदर सिंह सरपंच, तरलोक सिंह सरपंच, सर्बजीत सिंह जालूवाल, दिलबाग सिंह मान, सरदार रेशम सिंह, हंसा ध्यानपुर, बलराज सिंह सिद्धू, पूर्व सरपंच कशमीर सिंह, हरदयाल सिंह, सदस्य मुख्तियार सिंह, हरपाल सिंह, चेयरमैन अमरजीत सिंह, सरपंच सुखवंत सिंह मल्ला आदि मौजूद थे।