पंजाब में प्रवासी भारतीयों के मार्फत निवेश को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विरासत-ए-खालसा में शुक्रवार को दो दिवसीय एनआरआई सम्मेलन का आगाज हुआ।
राज्य सरकार ने दुनिया भर से पहुंचे एनआरआईज के सामने ‘सेफ और प्रोग्रेसिव पंजाब’ की तस्वीर पेश की। मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने अपने संबोधन में एनआरआईज को यह समझाने की कोशिश की कि पंजाब निवेश के लिए सर्वोत्तम डेस्टिनेशन है, वहीं डिप्टी सीएम सुखबीर सिंह बादल ने प्रदेश में राज्य सरकार द्वारा निवेशकों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का उल्लेख किया गया।
उन्होंने यह समझाना चाहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर से लेकर अमन-शांति के माहौल तक सब कुछ पंजाब में है। साथ ही यह भी दावा किया कि अगर एनआरआईज प्रदेश में निवेश के लिए आगे आते हैं तो उन्हें यहां दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे और एक ही खिड़की पर उनकी समस्याओं का निदान किया जाएगा।
सम्मेलन में आए प्रवासी भारतीयों को हाल के ‘प्रोग्रेसिव पंजाब इन्वेस्टमेंट प्रमोशन समिट’ की सफलता की कहानी भी दिखाई गई।
सुखबीर बादल ने अपने संबोधन में बताया कि प्रोग्रेसिव पंजाब समिट के जरिए राज्य में 65 हजार करोड़ रुपये का निवेश आया है।
इंफोसिस समेत कई बड़ी कंपनियों के आने से मोहाली देश का अगला आईटी हब बनने जा रहा है। उन्होंने बताया कि पंजाब ने पहली बार ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टमेंट प्रमोशन गठित कर सीईओ नियुक्त किया गया है, जिसके पास दस विभागों की पॉवर हैं। अगर एनआरआई निवेश के लिए आते हैं तो उन्हें दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
सुखबीर ने निवेशकों को वैट, सीएसटी, स्टांप ड्यूटी, प्रॉपर्टी टैक्स पर दी जा रहीं सहूलियतों का जिक्र भी किया। उन्होंने पंजाब के विकास को मिशन बताते हुए बिजली, सड़कें, एयरपोर्ट, पानी, शिक्षा व सेहत आदि में उपलब्धियों और लक्ष्य भी गिनाए।
डिप्टी सीएम ने एनआरआईज के मुद्दों पर चर्चा करते हुए पिछले साल के प्रवासी भारतीय सम्मेलन में उठे मुद्दों और उन पर लिए गए फैसलों की जानकारी भी दी। इनमें एनआरआईज के लिए अलग पुलिस तंत्र, पुश्तैनी जायदाद खाली करा पाने का हक, मैरिज रजिस्ट्रेशन अनिवार्य, पंजाब प्रवास के दौरान सिक्योरिटी की सुविधा, सरकारी आवासीय स्कीमों में दस फीसदी रिजर्वेशन, एनआरआई कोर्ट की स्थापना आदि शामिल थे।
मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने कहा कि इस सम्मेलन का मकसद एनआरआईज को अपने विरसे से जुड़ने का मौका देना है। पिछले सम्मेलन के मुकाबले इस बार बेहतर आयोजन हो रहा है, जिसमें एनआरआईज की समस्याएं हल हुई हैं।
इससे पहले कैबिनेट मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया ने सबका स्वागत किया। इस मौके पर कई एनआरआईज ने अपने विचार रखे। मंच पर सांसद सुखदेव सिंह ढींढसा, बलविंदर सिंह भूंदड़, कैबिनेट मंत्री परमिंदर ढींढसा, सरवन सिंह फिल्लौर, शरनजीत ढिल्लों भी मौजूद थे।
तीन साल बाद पंजाब में नहीं दिखेगी गंदगी
सुखबीर ने दावा किया कि अमृतसर को सबसे सुंदर शहर बनाया जाएगा और अगले तीन साल बाद पंजाब में कहीं एनआरआईज को गंदगी नजर नहीं आएगी।