फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पंजाब में कैप्टन से अब क्या चाहती है कांग्रेस: 'पति-पत्नी और वो' की कहानी में कोई अंतिम उम्मीद बाकी है!

सार

पंजाब की सियासत में भले ही कैप्टन अमरिंदर सिंह, आज कांग्रेस में नहीं हैं, लेकिन उनका कद कम नहीं हुआ है। यही वजह है कि कैप्टन द्वारा नई पार्टी का गठन किए जाने के बाद भी 'कांग्रेस' को समझौते की उम्मीद है। कुछ दिनों के अंतराल पर ऐसी खबरें आती रहती हैं, जो 'कांग्रेस और कैप्टन' के बीच दोबारा से निकटता बढ़ने की तरफ इशारा करती हैं...
विज्ञापन
अमरिंदर सिंह और उनकी पत्नी परनीत कौर - फोटो : Agency (File Photo)
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पंजाब में कैप्टन 'अमरिंदर सिंह' ने कांग्रेस पार्टी छोड़कर अब 'पंजाब लोक कांग्रेस' बना ली है। उनकी पत्नी 'परनीत कौर' कांग्रेस पार्टी से पटियाला की सांसद हैं। उन्होंने अभी पार्टी छोड़ने या संसद सदस्यता से इस्तीफा देने जैसी कोई घोषणा नहीं की है। कांग्रेस पार्टी ने 24 नवंबर को परनीत कौर को 'कारण बताओ' नोटिस जारी कर उनकी पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिए स्पष्टीकरण मांगा है। पिछले दिनों 'चन्नी' सरकार के मंत्री डॉ. राज कुमार वेरका ने कैप्टन अमरिंदर सिंह को लेकर बड़ा दावा किया था। उनका इशारा था कि कैप्टन अमरिंदर सिंह कांग्रेस में वापस आ सकते हैं। इसके बाद पंजाब की सियासत में दोबारा से 'पति-पत्नी और वो' की कहानी में कोई अंतिम उम्मीद नजर आने लगी। फिलहाल कांग्रेस को 'परनीत कौर' के जवाब का इंतजार है।

कैप्टन अमरिंदर सिंह के कद से वाकिफ है कांग्रेस

पंजाब की सियासत में भले ही कैप्टन अमरिंदर सिंह, आज कांग्रेस में नहीं हैं, लेकिन उनका कद कम नहीं हुआ है। यही वजह है कि कैप्टन द्वारा नई पार्टी का गठन किए जाने के बाद भी 'कांग्रेस' को समझौते की उम्मीद है। कुछ दिनों के अंतराल पर ऐसी खबरें आती रहती हैं, जो 'कांग्रेस और कैप्टन' के बीच दोबारा से निकटता बढ़ने की तरफ इशारा करती हैं। कांग्रेस को यह बात मालूम है कि अगर कैप्टन अमरिंदर सिंह, अपनी नई पार्टी 'पंजाब लोक कांग्रेस' को चुनाव मैदान में उतारते हैं, तो उसे संतोषजनक वोट मिलें या न मिलें, मगर उससे 'कांग्रेस' के वोटबैंक में सेंध लगना तय है। यही वजह है कि कांग्रेस पार्टी को 'पति-पत्नी और वो' की कहानी में खुद के लिए जगह दिखाई पड़ रही है।

परनीत कौर को जारी किया नोटिस

कांग्रेस पार्टी ने बुधवार को पूर्व मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह की पत्नी एवं पटियाला लोकसभा सीट से सांसद परनीत कौर को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। यह नोटिस पार्टी के पंजाब मामलों के प्रभारी हरीश चौधरी ने भेजा है। इसमें लिखा है कि पिछले कई दिनों से, हमें कांग्रेस कार्यकर्ताओं, विधायकों, पटियाला क्षेत्र के नेताओं और मीडिया के माध्यम से लगातार आपके पार्टी विरोधी होने की रिपोर्ट मिल रही हैं। ये रिपोर्ट तब मिली हैं, जब आपके पति कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कांग्रेस से इस्तीफा देकर अपनी नई पार्टी बना ली है। कांग्रेस पार्टी को पता चला है कि आप, अपने पति की पार्टी का पक्ष लेते हुए उसके साथ खड़ी हैं। आपकी स्थिति को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ता उलझन में हैं। सांसद परनीत कौर से सात दिन के भीतर जवाब मांगा गया गया है।

अभी उम्मीद पूरी तरह खत्म नहीं हुई है

चन्नी सरकार में मंत्री डॉ. राज कुमार वेरका ने जो बयान दिया था, उसमें कहीं न कहीं ऐसा नजर आता है कि कैप्टन को लेकर कांग्रेस पार्टी आखिर तक इंतजार करेगी। कांग्रेस नेतृत्व की ओर से कैप्टन पर कोई तीखी बयानबाजी करने से परहेज किया जा रहा है। वेरका का यह कहना है कि कैप्टन, कांग्रेस में वापस आ सकते हैं, इसका मतलब है कि किसी स्तर पर उनकी वापसी के लिए प्रयास हो रहे हैं। परनीत कौर खुद इस्तीफा देती हैं या कांग्रेस उन्हें पार्टी गतिविधियों के चलते बर्खास्त करती है, ये बाद में तय होगा। यहां बड़ा सवाल ये है कि क्या प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी, सांसद को कारण बताओ नोटिस जारी कर सकते हैं। सांसद के मामले में ऐसा नोटिस केवल 'एआईसीसी' ही जारी करती है। कायदे से यह नोटिस पार्टी के संगठन महामंत्री केसी वेणुगोपाल को जारी करना चाहिए था। ये बातें इसी ओर इशारा करती हैं कि कैप्टन अमरिंदर सिंह को लेकर पार्टी में उम्मीद अभी बाकी है।

पत्नी से जुड़े सवाल पर नाराज हो गए थे कैप्टन

पिछले दिनों जब कैप्टन से पूछा गया कि अब उन्होंने नई पार्टी बना ली है तो क्या उनकी पत्नी परनीत कौर साथ आएंगी या नहीं। इस सवाल पर पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह नाराज हो गए। वे बोले, इस तरह के मूर्खतापूर्ण सवाल न पूछें। इसके बाद परनीत कौर ने न तो कांग्रेस छोड़ी और न ही अपने पति की नई पार्टी 'पंजाब लोक कांग्रेस' में औपचारिक तौर पर शामिल हुईं। कैप्टन के साथ हुए घटनाक्रम के लिए वे कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू को जिम्मेदार मानती हैं। दूसरी तरफ, पंजाब कांग्रेस, भी अब कैप्टन अमरिंदर पर सीधा हमला न करने से बच रही है। कैप्टन अमरिंदर सिंह कह चुके हैं कि वे 2022 में पटियाला से ही विधानसभा चुनाव लड़ेंगे। पंजाब से जुड़े एक नेता कहते हैं कि पंजाब में बिना कैप्टन कांग्रेस को नुकसान होगा। दूसरी तरफ, अगर कैप्टन, कांग्रेस के अलावा किसी दूसरी पार्टी के समर्थन से आगे बढ़ने की सोच रहे हैं तो 2022 में उन्हें भी अपनी भूल का अहसास हो जाएगा।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें