डेयरी विकास विभाग 26 मई से 45 दिवसीय खास डेयरी ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू करेगा। जिसका मकसद खेती के सहायक धंधे डेयरी फार्मिंग को आधुनिक तकनीक से लैस करना है।
पंजाब के पशुपालन मंत्री गुलजार सिंह राणीके ने कहा कि श्वेत क्रांति को रफ्तार देने के लिए सरकार डेयरी फार्मिंग को आधुनिक रास्ते पर ले जाने को वचनबद्ध है। यह ट्रेनिंग प्रोग्राम इसी का हिस्सा है।
विभाग के डायरेक्टर इंदरजीत सिंह ने बताया कि प्रोग्राम के दौरान गुरु अंगद देव वैटेरिनरी साइंस यूनिवर्सिटी लुधियाना, डेयरी रिसर्च संस्था करनाल और डेयरी विकास विभाग के विशेषज्ञ उम्मीदवारों को कई विषयों की तकनीकी जानकारी देंगे।
जिनमें पशुओं की नस्ल में सुधार, दूध पदार्थों की बनावट, खाद्य प्रबंध और दुधारू पशुओं की संभाल आदि शामिल हैं। उम्मीदवारों को इस संबंधी लिट्रेचर भी दिया जाएगा।
ये ट्रेनिंग प्रोग्रामविभाग के बीजा (लुधियाना), गिल (मोगा), वेरका (अमृतसर) और अब्बुल खुराना (मुक्तसर) स्थित केंद्रों में आयोजित किया जाएगा।
इसके लिए 19 मई को सुबह दस बजे इन्हीं केंद्रों में उम्मीदवारों के इंटरव्यू लिए जाएंगे। उम्मीदवार 18-45 साल के बीच हों और दसवीं पास होना चाहिए था। उनके पास कम से कम पांच दुधारू पशुओं का अपना डेयरी फार्म होना चाहिए।
ट्रेनिंग के लिए सौ रुपये का प्रास्पेक्टस संबंधित जिलों के डिप्टी डायरेक्टर या डेयरी विकास अधिकारी के दफ्तर से या इन केंद्रों से प्राप्त किया जा सकता है।
जनरल कैटेगरी के उम्मीदवारों के लिए ट्रेनिंग फीस पांच हजार रुपये और एससी वर्ग के लिए चार हजार रुपये रखी गई है। उम्मीदवारों को हॉस्टल की सुविधा दी जाएगी।