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Punjab: भाजपा ने संगरूर से अरविंद खन्ना को उतारा, हिंदू चेहरे पर खेला दांव, जानिए क्या हैं समीकरण

Wed, 08 May 2024 11:47 PM IST
भूपेंद्र सिंह सुशील कुमार, सुनाम ऊधम सिंह वाला, संवाद (पंजाब)

सार

भाजपा ने हिंदू चेहरे पर दांव खेला है तो शेष ने सिख चेहरों को तरजीह दी है। जातीय समीकरण व वोट विभाजन पर भाजपा की नजर है। हिंदू चेहरे के रूप में विजयइंदर सिंगला चुनाव जीत चुके हैं। 
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अरविंद खन्ना - फोटो : संवाद
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विस्तार
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इंतजार की घड़ियों के विराम देते आखिरकार भाजपा ने दो बार के विधायक 57 वर्षीय अरविंद खन्ना को संगरूर संसदीय सीट से चुनाव मैदान में उतार दिया है । अरविंद खन्ना 2004 में कांग्रेस की टिकट पर संगरूर संसदीय सीट से लोकसभा चुनाव लड़ चुके हैं और अकाली दल के सुखदेव सिंह ढींढसा से चुनाव हार गए थे।

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अरविंद खन्ना अपनी समाज सेवी संस्था उम्मीद फांऊडेशन के जरिए निःशुल्क मेडिकल सुविधाएं देने के लिए प्रसिद्ध रहे हैं। खन्ना भारतीय जनता पार्टी में जनवरी 2022 में शामिल हुए थे और इस वक्त वे प्रदेश भाजपा के उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। खन्ना, भाजपा पंजाब की कोर समिति और वित्त समिति के सदस्य हैं। इससे पहले खन्ना ने पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीपीसीसी) के महासचिव, पीपीसीसी कोषाध्यक्ष के रूप में कार्य किया था।

बता दें कि संगरूर से आम आदमी पार्टी, कांग्रेस, अकाली दल अमृतसर, शिरोमणि अकाली दल और बहुजन समाज पार्टी ने सिख चेहरों पर दांव खेला है । ऐसे में भाजपा हिंदू चेहरे के माध्यम से शहरी वोट बैंक को साधने के लिए अरविंद खन्ना पर दांव खेला है।
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सियासी जानकारों का मानना है कि भाजपा की नजर जातीय समीकरण के साथ वोट विभाजन के गणित पर भी है । भाजपा मान कर चल रही है कि यदि ग्रामीण क्षेत्रों में वोट क विभाजन हुआ तो शहरी वोट बैंक के मिल सकता है। संगरूर संसदीय सीट पर करीब 33 फीसदी शहरी आबादी है और इस सीट दलित वर्ग की 32 फीसदी आबादी है। हालांकि यहां पर बसपा ने अपना प्रत्याशी उतार दिया है ।

अरविंद खन्ना इसी संसदीय सीट का हिस्सा संगरूर व धूरी विधानसभा क्षेत्र से विधायक रह चुके हैं और कांग्रेस की टिकट पर 2004 लोकसभा का चुनाव भी लड़ चुके हैं । हालांकि वे 27277 मतों के अंतर से अकाली दल के नेता सुखदेव सिंह ढींडसा से चुनाव हार गए थे। अरविंद खन्ना तब 259551 वोट लेने में सफल रहे थे।

इस सीट से सिख चेहरे ही संसद भवन पहुंचते रहे हैं। लेकिन 2009 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के विजयइंदर सिंगला ने सिख बाहुल्य क्षेत्र में जीत दर्ज करके हिंदू चेहरे के लिए जीत का दरवाजा खोला था। 

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