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सिद्धू ने ही चुनाव लड़ने का आग्रह किया : जेटली

Tue, 18 Mar 2014 10:35 PM IST
अमर उजाला अमृतसर
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अमृतसर के भाजपा के लोकसभा उम्मीदवार अरुण जेटली ने कहा कि अमृतसर से तीन बार विजयी रह चुके पार्टी के उम्मीदवार नवजोत सिंह सिद्धू के आग्रह पर ही वे अमृतसर से चुनाव लड़ रहे हैं।
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वहीं भाजपा हाई कमांड और पार्टी वर्करों के जोर डालने पर वे अमृतसर के चुनावी दंगल में कूदे है। अगर अमृतसर की जनता उन्हेें अपना प्रतिनिधि बनाकर केंद्र में भेजती है तो वे अमृतसर के साथ-साथ पंजाब के लिए वह सब कुछ करेंगे जो उम्मीदें उनसे अमृतसर और पंजाब की जनता व वर्करों को है। जेटली रोड शो के बाद मीडिया के साथ देर शाम बातचीत कर रहे थे।

जेटली ने कहा कि सिद्धू एक होशियार व्यक्ति और भाजपा के स्टार प्रचारक व प्रभावशाली नेता हैं। उनके बार बार कहने पर ही मैं अमृतसर से चुनाव लड़ने के लिए आया है। अमृतसर के मेरा अथाह प्यार है। मेरे परिवार की बैकग्राउंड अमृतसर के साथ जुड़ी हुई है। मुझे आशा है कि अमृतसर के लोग मुझे जरूर स्वीकार करेंगे और अपना प्रतिनिधि बनाएंगे।
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जेटली ने कहा कि आज कांग्रेस के पास मजबूत नेतृत्व नहीं है। यही कारण है कि आज कांग्रेस के कई बड़े नेता चुनाव लड़ने से भाग रहे हैं। इस बार देश के अंदर एक बड़ा राजनीतिक परिवर्तन होगा। एनडीए बहुत ही मजबूत होकर सत्ता में आ रही है। कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार घोटालों से भारी सरकार रही है। कोई भी क्षेत्र ऐसा नहीं यहां पर यूपीए के नेताओं को कोई बड़ा घोटाला न किया हो। यही कारण है कि आज देश की जनता यूपीए के नेताओं को पसंद नहीं कर रही है।

तीसरा मोर्चा पूरी तरह फेल है। देश के अंदर कभी भी तीसरा मोर्चा सफल नहीं हुआ है। लोगों ने कभी भी तीसरे मोर्चों को पसंद नहीं किया है। एनडीए ही है जो देश को एक मजबूत सरकार प्रदान कर सकती है।

जेटली ने कहा कि अगर मुझे अमृतसर के  लोग अपना प्रतिनिधि बनाते हैं तो में अमृतसर को एक बार फिर व्यापार, उद्योग और अन्य क्षेत्रों में दुनिया के नक्शे पर पहले स्थान पर लेकर आने की कोशिश करूंगा।

एक सवाल के जवाब के दौरान जेटली टाल गए कि व जीतने या हारने के बाद क्या अमृतसर में स्थायी रिहाईश रखेंगे जैसे नवजोत सिंह सिद्धू ने रखी। उन्होंने जवाब देते हुए कहा कि वे राजनीति के बिना कोई और दूसरा काम नहीं करते हैं।  अब तो उन्होंने वकालत भी छोड़ दी है। इसके लिए वे लोगों से दूर नहीं होंगे। इस दौरान विभिन्न अकाली भाजपा नेता भी मौजूद थे।
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