तमाम विरोधों के बावजूद पंजाब में प्रापर्टी टैक्स लागू हो गया है। इस
टैक्स में महज उन्हीं लोगों को छूट है, जिन्होंने सितंबर में अपना
कामर्शियल प्रापर्टी टैक्स अदा किया है।
यह टैक्स उन लोगों को भी
देना होगा, जिनके पास महज अपना मकान है। प्रापर्टी टैक्स हाउस टैक्स की जगह
लेगा। 30 सितंबर तक प्रापर्टी टैक्स भरने पर दस फीसदी छूट थी।
इसके बाद 31
दिसंबर के बाद टैक्स भरने पर 25 प्रतिशत पेनल्टी लगेगी। 31 मार्च तक टैक्स
न भरने पर 50 फीसदी पेनल्टी और 18 प्रतिशत ब्याज देना होगा।
इसमें यह
साफ नहीं किया है कि जिसने अभी नया मकान बनाया है और उसकी आधी बिल्डिंग
पुरानी है तो उसे टैक्स कैसे लगेगा? इस एक्ट में साफ नहीं किया है कि अगर
सेल्फ असेसमेंट पर कंस्ट्रक्शन एरिया गलत भरा जाता है तो उस पर कानूनी
कार्रवाई होगी अथवा नहीं? जिन बिल्डिंग का वर्षों से चंद रुपये किराया है,
उन्हें टैक्स किस हिसाब से लगेगा।
स्कीम के मुताबिक धार्मिक संस्थान,
शमशानघाट, गोशाला, ऐतिहासिक इमारतों, चैरिटेबल इंस्टीट्यूट, नगर निगम की
इमारतों, सरकारी शिक्षण संस्थानों, सहायता प्राप्त स्कूलों एवं कालेजों,
मल्टी स्टोरी बिल्डिंग के पार्किंग एरिया, कृषि योग्य, विधवा और विकलांगों
को टैक्स में 5000 रुपये छूट मिलेगी।
आर्थिक तंगी से जूझ रहे निगम को इस
टैक्स से काफी उम्मीदें हैं। विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक निगम को
हाउस टैक्स से करीब 25 करोड़ रुपये की आमदनी होती थी, जिसे निगम वसूलने में
पीछे रहा है। निगम ने लोगों से करोड़ों रुपये लेने हैं। इस नये एक्ट के
लागू होने से हाउस टैक्स से होने वाली आय डबल होने का अनुमान है।
ऐसे निकलेगी वार्षिक वैल्यू
मान
लीजिए प्रापर्टी की कीमत पच्चीस लाख रुपये है। इसके ऊपर बने घर की
कंस्ट्रक्शन की कीमत 5 लाख रुपये है। इस तरह संपत्ति की कीमत बन गई तीस
लाख। सरकार मानती है कि इसकी बीस वर्ष तक मरम्मत की जरूरत नहीं है। इस
हिसाब से प्रापर्टी की वार्षिक वैल्यू 5 फीसदी मानी गई है (तीस लाख रुपये
का पांच फीसदी बना 1.5 लाख)। ये है वार्षिक वैल्यू। इस 1.5 लाख रुपये की
रकम का 0.5 फीसदी टैक्स लिया जाएगा। यह रकम 750 रुपये बनती है। यह वैल्यू
दर 500 से 700 वर्ग गज के मकान पर लागू है। अगर मकान इससे बड़ा है तो यह
रकम 1500 रुपये होगी।
यह है निर्धारित कास्ट
कलेक्टर रेट और
कंस्ट्रक्शन कास्ट को जोड़ जो राशि बनेगी, उसका पांच फीसदी प्रापर्टी की
वार्षिक वैल्यू होगी। सरकार ने पक्के मकान की कंस्ट्रक्शन कास्ट 500 रुपये,
आधे पक्के की 300 रुपये और कच्चे मकान की 100 रुपये कॉस्ट तय की है। फ्लैट
पर भी कलेक्टर रेट लगेगा।
प्रापर्टी टैक्स के फार्म तैयार नहीं हुए
निगम
कमिश्नर मनप्रीत सिंह छतवाल का कहना है कि अभी प्रापर्टी टैक्स के लिए
प्रोफार्मा और शपथ पत्र का खाका लोगों तक पहुंचाने की व्यवस्था नगर निगम
नहीं कर पाया है। लोग खुद भी लोकल बॉडी की साइट से डाउनलोड कर सकते हैं,
अभी एक भी फार्म उनके पास जमा नहीं हुआ है।