उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल ने सोमवार को लंबी के गांव पंजावा में अजूर ऊर्जा प्राइवेट लिमिटेड द्वारा स्थापित किए जा रहे 34 मेगावॉट के सौर ऊर्जा पर आधारित बिजली प्रोजेक्ट का नींव पत्थर रखा।
इस दौरान सुखबीर ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा सूबे को बिजली सरप्लस करने और प्रगतिशील पंजाब निवेश सम्मेलन के जरिए पूंजी निवेश के लिए शुरू किए प्रयासों के सार्थक नतीजे निकलने लगे हैं। राज्य सरकार द्वारा दिसंबर में हुए सम्मेलन में 65 हजार करोड़ रुपये के समझौतों पर दस्तखत किए गए थे।
जिसके तहत सरकार द्वारा 26 कंपनियों को 250 मेगावाट के सौर ऊर्जा पर आधारित बिजली प्लांट स्थापित करने के लिए अलॉटमेंट पत्र जारी किए थे। उन्हीं में यह एक कंपनी है जो उत्तर भारत का सबसे बड़ा 350 करोड़ रुपये की लागत से सौर ऊर्जा प्लांट स्थापित करने जा रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा प्रदूषण रहित बिजली उत्पादन को उत्साहित करने के लिए विशेष योजना तैयार की गई है। जिसके तहत सभी 26 कंपनियों से सरकार ने बिजली खरीद समझौते भी कर लिए गए हैं। यह सभी प्रोजेक्ट जून से दिसंबर 2014 तक पूरे हो जाएंगे।
उन्होंने बताया कि इससे पहले सौर ऊर्जा से पंजाब में 10 मेगावाट बिजली पैदा हो रही है जिसमें एक मेगावाट का फुल्लोखेड़ी (बठिंडा) में स्थापित सोलर ऊर्जा प्लांट भी शामिल हैं। जबकि गैर रवायती और अक्षय ऊर्जा स्त्रोतों से कुल 600 मेगावाट बिजली पैदा की जा रही है।
गैर रवायती ऊर्जा साधनों से बिजली पैदा करने के लिए बनाई नीति के तहत भविष्य के लिए सरकार ने सूर्य ऊर्जा से एक हजार मेगावाट, खेती कचरे से 600, मिनी हाईडल प्रोजेक्टों से 250 और शहरी कचरे से 50 मेगावाट बिजली पैदावार के लक्ष्य रखे हैं। निवेश सम्मेलन में हुए समझौतों के अनुसार आगामी दिनों में कुछ और बड़ी कंपनियां भी अपने प्रोजेक्ट शुरू करने जा रही हैं।
इनमें बहुराष्ट्रीय कंपनी कारगिल, इनफोसिस और आईटीसी शामिल हैं। कंपनी के चेयरमैन हरकंवल सिंह वधवा, सीईओ इंद्रजीत सिंह वधवा और सह संस्थापक प्रीत संधू ने उप मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए बताया कि यह प्लांट 170 एकड़ जगह में स्थापित किया जाएगा, जो अगले पांच महीनों में पूरा हो जाएगा। इस प्लांट से आठ सौ युवाओं को रोजगार मिलेगा।
पंजाब ऊर्जा विकास एजेंसी के डायरेक्टर बलौर सिंह ने कहा कि गैर रवायती ऊर्जा, राजस्व और लोक संपर्क मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया के नेतृत्व में राज्य में गैर रवायती ऊर्जा को उत्साहित करने के लिए नीति बनाकर लागू की जा रही है। पंजाब में 1.5 लाख गोबर गैस प्लांट स्थापित किए गए हैं और वार्षिक सात हजार नए गोबर गैस प्लांट स्थापित किए जा रहे हैं। इनकी स्थापना के लिए राज्य सरकार प्रति प्लांट आठ हजार रुपये की सब्सिडी दे रही है।
नशा तस्करों को बचा रहे बाजवा
पत्रकारों के साथ बातचीत में उप मुख्यमंत्री ने कहा कि सम्मेलन का उद्देश्य प्रवासी भारतीयों को पंजाब में निवेश के लिए प्रेरित करना नहीं था बल्कि यह सम्मेलन तो राज्य से बाहर रहते पंजाबियों के पंजाब के साथ संबंधों को और मधुर बनाने तथा उनकी मुश्किलों के हल करने के लिए रखा गया था।
कांग्रेस अध्यक्ष पर बरसते हुए सुखबीर बोले कि प्रताप सिंह बाजवा नशा तस्करी में लिप्त लोगों की मदद कर रहे हैं। एक तरफ जहां राज्य सरकार नशा कारोबारियों को पकड़ने में लगी हुई है, वहीं कांग्रेस ऐसे लोगों को बचाने में जुटी हुई है। इस अवसर पर सांसद शेर सिंह घुबाया, विधायक हरप्रीत सिंह, पंजाब एग्रो के चेयरमैन जत्थेदार दियाल सिंह कोलियांवाली, उप मुख्यमंत्री के निजी सचिव अवतार सिंह वनवाला, चेयरमैन तेजिंदर सिंह मिड्ढूखेड़ा, हलका इंचार्ज जलालाबाद सतिंदरजीत सिंह मंटा, जिला योजना बोर्ड के चेयरमैन हरदीप सिंह डिंपी ढिल्लों, पनकोफैड के चेयरमैन कुलविंदर सिंह भाईकाकेरा और रणजोध सिंह लंबी समेत बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।