पुलिस ने किसानों को हिरासत में लिया
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फरीदकोट में भारतीय किसान यूनियन एकता सिद्धूपुर के नेतृत्व में किसानों ने कर्ज माफी और अन्य मांगों को लेकर शनिवार को प्रदेश स्तरीय प्रदर्शन के तहत सड़क और रेलवे ट्रैक जाम करने के साथ-साथ विधानसभा स्पीकर समेत सत्ताधारी नेताओं के आवासों का घेराव करने की चेतावनी दी गई थी जिसे पुलिस ने विफल कर दिया।
पुलिस ने किसानों को धरनास्थल से आगे बढ़ने से रोक दिया और संगठन के प्रांतीय महासचिव काका सिंह कोटड़ा समेत करीब 250 किसानों को हिरासत में ले लिया। हिरासत में लिए गए किसानों को पुलिस लाइन में रखा गया है। किसानों द्वारा पिछले 5 माह से फरीदकोट समेत 12 जिलों में लैंडमॉर्गेज बैंकों के बाहर धरने दिए जा रहे हैं।
किसानों की मांग है कि अन्य बैंकों की तर्ज पर लैंडमॉर्गेज बैंकों में भी एकमुश्त ऋण निपटारा योजना लागू की जाए, किसानों का कर्ज माफ किया जाए और कर्ज देते समय बैंकों द्वारा लिए गए किसानों के खाली चेक वापस किए जाएं। इन्हीं मांगों को लेकर शनिवार के प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने सुबह से ही जिले के विभिन्न स्थानों पर नाकाबंदी कर दी थी।
जब किसानों ने प्रदर्शन की तैयारी शुरू की तो पुलिस ने पहले धरनास्थल से किसानों को हिरासत में ले लिया। इसके बाद आसपास के गांवों और शहरों से फरीदकोट पहुंच रहे किसानों को भी रास्ते में रोककर हिरासत में लिया गया। इस दौरान किसान नेता इंद्रजीत सिंह घनियां ने कहा कि जब तक किसानों की मांगें पूरी नहीं होतीं, उनका संघर्ष जारी रहेगा।