करीब दो दशकों से पंजाब राज्य बिजली बोर्ड और अब पंजाब राज्य पावर कारपोरेशन के अंदर समय पर किसी भी श्रेणी के लिए सीधी भर्ती न होने से पावरकॉम के अलग-अलग कार्यालयों में कर्मचारियों के 3950 पद खाली हो चुके हैं जिस कारण बिजली उपभोक्ताओं के काम समय पर पूरे नहीं हो पा रहे हैं और न ही ठीक प्रकार से बिजली मिल रही है।
पावरकॉ के अधिकारियों को भी प्रबंधकों के आदेशानुसार निर्धारित लक्ष्य समय पर पूरे करने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
डिप्लोमा इंजीनियर एसोसिएशन पंजाब राज्य बिजली बोर्ड के प्रदेशीय नेता इंजीनियर जोगिंदर सिंह नानोवालियां ने बताया कि पावरकॉम के कार्यालयों में सहायक इंजीनियरों और सहायक कार्यकारी इंजीनियरों के कुल मिलाकर 610 से अधिक पद रिक्त पड़े हैं।
उन्होंने बताया कि पावरकॉम के बांट कार्यालयों में जहां 610 एसडीओ तैनात नहीं किए गए। इससे कार्यालयों के कामकाज को सफलतापूर्वक करने में दिक्कतें पेश आ रही हैं। इंजीनियर नानोवालियां के अनुसार सहायक लाइनमैन और लाइनमैनों के करीब 23 हजार पद खाली हैं, जिस कारण कर्मचारियों और अधिकारियों को बिजली की लाइनों की देखरेख और संभाल करने में परेशानी हो रही है।
उन्होंने बताया कि पावरकॉम के अंदर जूनियर इंजीनियरों के 930 पद और अतिरिक्त सहायक इंजीनियरों के 145 पद रिक्त हैं, जिन्हें भरकर पावरकॉम के कार्यालयों के कामों को समय पर पूरा करने की तरफ पावरकॉम के प्रबंधकों का ध्यान नहीं है।
उन्होंने बताया कि पावरकॉम के अंदर जेडीएम की 90, ड्राफ्टमैन की 316, एचडीएम की 95, सीडीएच की 22, आरए की 105, एआरए की 30, एलडीसी की 2478, यूडीसी की 1200, हलका सहायक की 72 और हलका सुपरिंटेंडेंट की 31 असामियां खाली हैं।
नानोवालियां ने बताया कि पावरकॉम के अंदर लाइनमैनों की 6500 और सहायक लाइनमैनों के 16400 पद खाली होने के कारण अब पंजाब के बिजली उपभोक्ताओं को सप्लाई उपलब्ध करवाना बेहद मुश्किल हो गया है। उन्होंने बताया को बिजली मुलाजिमों को जरूरी सुविधाएं उपलब्ध करवाने की तरफ भी पावरकॉम का कोई ध्यान नहीं है।
उन्होंने बताया कि पावरकॉम के अधिकारियों और प्रबंधकों द्वारा कार्यालयों की कामकाज की रफ्तार में और अनेक तरह की पाबंदियां लगाई जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि निजीकरण को बढ़ावा देने के लिए पावरकॉम के अंदर अलग-अलग कामों को ठेकेदारी सिस्टम के जरिए करवाया जा रहा है लेकिन पावरकॉम में ऐसे कई काम हैं जिन्हें तकनीकी मुलाजिमों के बिना पूरा नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि पंजाब के अधिकतर बांट कार्यालयों में चौपहिया वाहन भी नहीं हैं।