वाटर सप्लाई विभाग द्वारा बिजली का बिल जमा न किए जाने के कारण रोपड़ के गांव डंगोली के लोगों की पानी की सप्लाई बंद कर दी गई है। ऐसे में ग्रामीणों को पीने तक के लिए पानी नहीं मिल पा रहा है। पिछले कुछ दिन से यह ग्रामीाण कुएं के पानी पर आश्रित हो चुके हैं।
अब गांवों में पानी की एक बड़ी समस्या पैदा हो गई है। रोपड़ के गांव डंगोली के लोगों ने पानी की सप्लाई बंद होने के बाद कुएं का सहारा लिया गया है। लेकिन कुएं भी लगातार पानी न निकाले जाने के कारण लगभग सूख चुके हैं।
गांव के निवासी र्स्वण सिंह, सुरिंदर कौर सरपंच,देवी चंद, सुखवंत सिंह, हरमन सिंह और सुखदेव सिंह ने कहा कि पानी की सप्लाई एकदम बंद होने से यह समस्या हो चुकी है। ऐसी स्थिति में जल्द पानी न मिला तो यह समस्या और ज्यादा बड़ी बन जाएगी।
उन्होंने कहा कि गांव का कुआं है पर कुएं का लंबे समय तक प्रयोग न होने के कारण पानी नहीं निकलता है। हरमन सिंह ने कहा कि कुएं से पानी निकालने की वह कोशिश कर रहे हैं पर अब तक की कोशिश में नाकामी हाथ लगी है। कई ग्रामीण उम्मीद लगाए हैं कि अब पानी आएगा और नल के पास खड़े रहते हैं।
गांव चक्ककर्मा की सरपंच उमा देवी, कामरेड पवन कुमार, सुभाष, जसवीर सिंह, नीलम कुमारी, चंदा देवी, पुरषोत्तम सिंह ने कहा कि उनके गांव में मौजूद कुएं में पानी है पर ये पानी पीने लायक नहीं है। कुएं की काफी देर से सफाई न होने की वजह से यह पानी गंदा है। इसे पीने से बीमारी तक हो सकती है।
कुएं में दवाएं न डालने की वजह से पानी साफ नहीं है। उन्होंने कहा कि चार बाल्टी पानी निकालने के बाद कीचड़ आने लगता है। गांव की महिलाओं ने कहा कि पानी न मिलने से खाना बनाना मुश्किल है और रसोई का काम रुक गया है। उन्होंने कहा कि पीने के लिए जो पानी भर कर रखा गया था वह खत्म हो चुका है और अब पीने के लिए भी पानी नहीं है।
कुएं से भरे जा रहे पानी को पशुओं के लिए प्रयोग किया जा रहा है। कुएं के पानी के हालात ठीक न होने से इसमें बीमारियां लगने का खतरा हो गया है। ग्रामीणों ने कहा कि जल्द ही पानी की सप्लाई बहाल न की गई तो लोग संघर्ष पर उतर पड़ेंगे।