पंजाबी यूनिवर्सिटी में वीसी दफ्तर के बाहर दोपहर को उस समय हंगामा मच गया, जब कर्मचारी एडहाक कमेटी नान टीचिंग और नान टीचिंग कर्मचारी जत्थेबंदी के मेंबरों के बीच पहले काफी तू-तू-मैं-मैं हुई, जो बाद में हाथापाई में तबदील हो गई। इस दौरान आपस में काफी गाली-गलौच भी हुई। संबंधित अर्बन एस्टेट थाना इंचार्ज ने इस संबंधी जानकारी होने से इनकार किया।
दरअसल कर्मचारी एडहाक कमेटी नान टीचिंग के मेंबरों ने वीसी दफ्तर का घेराव करके धरना लगाया है। इनकी मांग है कि नान टीचिंग कर्मचारी जत्थेबंदी के लीडर गुरविंदर सिंह बब्बी ग्रुप के ड्राइवर गुरमीत सिंह मीता को अफसर इंचार्ज अप-की पर्सन की ड्यूटी से तुरंत हटाया जाए।
उसको पहले ही मैकेनिकल विभाग के हेड डा. जैमल सिंह खांबा के साथ बदसलूकी करने के मामले में मुअत्तल किया गया था। जत्थेबंदी के सदस्यों दर्शन सिंह, अवतार सिंह, भुपिंदर सिंह ढिल्लों, सुरिंदर सिंह चंदेल आदि ने बताया कि यूनिवर्सिटी प्रशासन की ओर से इस व्यक्ति की दोबारा नियुक्ति की गई है जिस कारण यूनिवर्सिटी में शांति भंग होने की आशंका है।
कर्मचारी एडहाक कमेटी नान टीचिंग का धरना चल ही रहा था, कि इसी बीच वहां नान टीचिंग कर्मचारी जत्थेबंदी बब्बी धड़े के मेंबर पहुंच गए और उन्होंने धरने का विरोध किया। दोनों जत्थेबंदियों में काफी तू-तू मैं-मैं हुई, जो बाद में हाथापाई में बदल गई।