ड्राइविंग टेस्ट पास करने वाले व्यक्ति को अब एक घंटे में ड्राइविंग लाइसेंस मिल जाएगा। शहर में लगभग 1.15 करोड़ की लागत से बन रहे स्टैंडर्ड आटोमैटिक ड्राइविंग टेस्ट सेंटर का निर्माण जल्द पूरा हो जाएगा।
यह सेंटर भविष्य में होने वाली सड़क दुर्घटनाओं को रोकने, आम लोगों को वाहन चलाना सिखाने और यातायात नियमों के बारे में जागरूक करने में लाभदायक साबित होगा। डिप्टी कमिश्नर वरुण रूजम ने बताया कि नाभा रोड पर करीब 1.40 एकड़ क्षेत्रफल में स्थापित किए जा रहे इस टेस्ट सेंटर का लगभग 90 प्रतिशत कार्य मुकम्मल हो चुका है।
प्रमाणित टेस्टिंग स्टेशन -कम -आटोमैटिड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक और अस्थायी इमारत का कार्य पूरा हो चुका है, जबकि मुख्य प्रशासनिक इमारत का निर्माण कार्य प्रगति अधीन है जो इस महीने में पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। यह ड्राइविंग सेंटर जल्दी ही पूरा हो जाएगा और भविष्य में हल्के (लाइट) ड्यूटी लाइसेंस यहां से ड्राइविंग टेस्ट पास करके ही प्राप्त किए जा सकेंगे।
डीसी ने बताया कि सभी ट्रैकों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे और लाइसेंस बनाने की सारी प्रक्रिया कंप्यूटरीकृत होगी। उन्होंने बताया कि लाइसेंस प्राप्त करने आवेदक को इस कें द्र में प्रायोगिक रूप में ड्राइविंग टेस्ट देना होगा और टेस्ट पास करने वाले को एक घंटे में ही ड्राइविंग लाइसेंस जारी कर दिए जाएंगे।
इससे आवेदक के कीमती समय की भी बड़ी बचत होगी। इस सेंटर के शुरू होने से केवल योग्य और प्रशिक्षित ड्राइवरों को ही ड्राइविंग लाइसेंस जारी होंगे। जिससे सड़क दुर्घटनाएं रोकने में भी मदद मिलेगी।