प्रदेश के आबकारी एवं कर विभाग ने व्यापारियों को परेशान कर रिश्वत लेेने के आरोप में तीन अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है। आबकारी एवं कर कमिश्नर अनुराग वर्मा ने बताया कि उन्हें शिकायत मिली थी कि एक आबकारी एवं कर अधिकारी ने तीन इंस्पेक्टरों और कुछ पुलिस स्टाफ के साथ मैसर्ज किसान टायर्स रीट्रेडिंग कंपनी अबोहर का दौरा किया और 42 हजार रुपये की रिश्वत मांगी। शिकायत पर सहायक आबकारी एवं कर कमिश्नर फाजिल्का को भेजकर तथ्यों की जांचकर रिपोर्ट भेजने के लिए कहा गया।
जांच के दौरान शिकायतकर्ता ने बताया कि 21 फरवरी 2014 को आबकारी व कर अधिकारी हरप्रीत सिंह, इंस्पेक्टर जसलप्रीत, अमृत कुमार, कुलविंदर सिंह, कांस्टेबल पूरन चंद और आबकारी विभाग के दो सेवादारों सुरिंदर कुमार, राज कुमार ने उनकी फर्म का दौरा किया। शिकायतकर्ता ने बताया कि उक्त अधिकारियों ने उन्हें धमकाया और उनपर 72 हजार का चेक देने का दबाव डाला।
आबकारी व कर अधिकारी हरप्रीत सिंह ने 30 हजार की रिश्वत ली। आबकारी व कर इंस्पेक्टरों ने 10 हजार और निचले मुलाजिमों ने 2000 रुपये की रिश्वत ली। शिकायतकर्ता कुलविंदर मदान ने बताया कि उन्होंने इसकी शिकायत उच्च अधिकारियों से करने का फैसला लिया। इसका पता चलने पर आरोपियों ने 72 हजार रुपये का चेक और 30 हजार रुपये नगद शिकायतकर्ता को वापस कर दिए। 12 हजार रुपये अब तक वापस नहीं किए गए हैं। इसपर शिकायतकर्ता ने राहत हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई।
आबकारी एवं कर कमिश्नर अनुराग वर्मा ने बताया कि जांच रिपोर्ट में सामने आया है कि ये दौरा बिना उच्च अधिकारियों की मंजूरी के बिना किया गया था। व्यापारी को परेशान करने के आरोप में इंस्पेक्टर जसलप्रीत, अमृत कुमार और कुलविंदर सिंह को सस्पेंड कर दिया गया है। आबकारी व कर अधिकारी हरप्रीत सिंह को सस्पेंड करने के लिए सरकार को सिफारिश भेजी गई है। निचले मुलाजिमों को भी सस्पेंड कर दिया जाएगा।