पटियाला में मंगलवार को घग्गर दरिया में जलस्तर और बढ़ गया। पानी का स्तर खतरे के निशान के काफी नजदीक पहुंचने से लोग काफी दहशत में हैं।
वहीं सिंचाई मंत्री शरणजीत सिंह ढिल्लों ने जिले के पानी से प्रभावित इलाकों का दौरा किया। मंत्री ने कहा कि सरकार की ओर से गिदावरी कराकर उन किसानों को जल्द मुआवजा दिए जाएंगे, जिनकी फसलों का पानी की वजह से नुकसान हुआ है।
साथ ही कहा कि जिन नदियों और चौ के पुल नीचे हैं, उनको ऊंचा करने के लिए भी मुहिम शुरू की जाएगी। जिले में लगातार कई घंटे तक हुई तेज बारिश और हरियाणा से पानी आने के कारण घग्गर दरिया में जल स्तर बढ़ गया है।
सोमवार को खन्नौरी के नजदीक घग्गर का जलस्तर 745 फुट था, वहीं मंगलवार को यह दो फुट और बढ़कर 747 हो गया। खतरे का निशान 751 फीट पर है। इसके अलावा सराला कलां, बादशाहपुर, हरचंदपुरा में भी घग्गर का जलस्तर खतरे के निशान के नजदीक ही चल रहा है। उधर चंबो चौ से कई जगहों से पानी उछलने के कारण धान की फसलें पानी में डूब गई हैं।
भांखरपुर से सराला, सराला से बादशाहपुर, बादशाहपुर से खन्नौरी और खन्नौरी से मकरोड़ साहिब तक घग्गर के किनारे जो पानी की वजह से डैमेज हुए हैं, उनकी हालत आज और बदतर हो गई। बनूड़ में कराला और अमलाला गांव में घग्गर के बांधों में आई दरारें बढ़ती जा रही है।
इससे इन गांवों व आसपास के एरिया में पानी आने का डर है। इन सब हालात के मद्देनजर सिंचाई मंत्री शरणजीत सिंह ढिल्लों आज पटियाला पहुंचे और पानी से प्रभावित इलाकों का दौरा किया। उन्होंने विभाग के अधिकारियों के साथ घग्गर दरिया और विभिन्न चौ का मुआयना किया।
मंत्री ने कहा कि जिन किसानों की फसलों का बारिश के कारण नुकसान हुआ है, गिरदावरियां करके उन्हें जल्द मुआवजा दिया जाएगा। इसके अलावा जिन नदियों व चौ के पुल नीचे हैं, उनको ऊंचा करने के लिए मुहिम छेड़ी जाएगी, ताकि पानी में आने वाली बूटी पुल में न फंसे।
जिले में बाढ़ के खतरे से निपटने के लिए मंगलवार को जिला प्रशासन ने सभी अधिकारियों को अपने क्षेत्रों में रहने और लगातार संपर्क में रहने के आदेश जारी करने के साथ ही उनके अवकाश भी रद्द कर दिए हैं। डीसी इंदू मल्होत्रा ने बाढ़ से निपटने को किए प्रबंधों का जायजा लेने के लिए बैठक की।
इसमें डीसी ने माना कि घग्गर दरिया उफान पर है, लेकिन स्थिति नियंत्रण में है। घगगर की ही सहायक बरसाती नदी झंबो ड्रेन कुछ जगहों पर ओवरफ्लो जरूर हुई है, लेकिन जानमाल का नुकसान नहीं हुआ है। हालांकि धान की फसल के कुछ जगहों पर डूबने की सूचना है।
इसके लिए अग्रिम सर्वे रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। डीसी ने आपात प्रबंधों का जायजा लेने के साथ ही संभावित रूप से बाढ़ के पानी से प्रभावित होने वाली जगहों पर पाइप व मिट्टी से भरे थैले पहुंचाने के आदेश भी दिए हैं।