चंडीगढ़। पंजाब की फोर्टिफाइड चावल योजना में नियमों में बदलाव को लेकर राज्य के एफआरके (फोर्टिफाइड राइस कर्नेल) निर्माताओं ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। याचिकाकर्ताओं ने 15 दिसंबर 2025 और 13 जनवरी 2026 को जारी विभागीय पत्रों को मनमाना और असंवैधानिक बताया है। उनका कहना है कि नए पत्रों ने अगस्त 2025 के आरएफपी में तय तकनीकी, वित्तीय और भुगतान व्यवस्था को बदल दिया। निर्माताओं का आरोप है कि नीति के बाद पहले आओ, पहले पाओ और नई रिलीज़ ऑर्डर प्रणाली लागू कर ठेका मिलने के नियम बदल दिए गए जो संविधान के अनुच्छेद 14 और 19(1)(जी) का उल्लंघन है और सार्वजनिक खरीद प्रक्रिया की पारदर्शिता को नुकसान पहुंचाता है। ब्यूरो