पंजाबी यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर डॉ. जसपाल सिंह ने कहा कि शिक्षण संस्थानों को सरकार की ओर से मिलने वाली ग्रांटों में बढ़ोतरी होनी चाहिए। हर साल संस्थानों के कर्मचारियों की सैलरियां बढ़ जाती हैं। महंगाई भी लगातार बढ़ रही है, लेकिन शिक्षण संस्थानों को मिलने वाली ग्रांटों में इजाफा नहीं हो रहा है।
इससे वर्तमान में ज्यादातर शिक्षण संस्थान आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। तीन साल की एक्सटेंशन मिलने के बाद वीसी शुक्रवार को यूनिवर्सिटी के गेस्ट हाउस में मीडिया से बात कर रहे थे।
वीसी ने कहा कि इस नए टेन्योर में वह पहल के आधार पर यूनिवर्सिटी के विभागों का कंप्यूटरीकरण कराएंगे। साथ ही नए विभाग खोलने के साथ-साथ नए सेंटर भी खोलना प्राथमिकता रहेगा। वीसी ने कहा कि कई विभागों का कंप्यूटरीकरण हो चुका है।
बाकी बचे विभागों के कंप्यूटरीकरण की प्रक्रिया जल्द शुरू कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि पंजाबी यूनिवर्सिटी के टीचिंग और नॉन टीचिंग इंप्लाइज की सालाना सैलरी 250 से 300 करोड़ है। उस हिसाब से यूनिवर्सिटी के आमदनी के स्रोत सीमित हैं। इसलिए सरकार से मांग है कि शिक्षण संस्थानों को मिलने वाली ग्रांटों में बढ़ोतरी हो।
यूनिवर्सिटी के टीचिंग और नॉन टीचिंग स्टाफ ने शुक्रवार को वाइस चांसलर डॉ. जसपाल सिंह को फूलों के बुके देकर और उनका मुंह मीठा करवाकर बधाई दी। डॉ. जसपाल सिंह को वीसी के तौर पर तीन साल के लिए एक्सटेंशन मिली है।