पटियाला-राजपुरा रोड पर नवरात्रों के दौरान मंदिर माथा टेकने जा रही चार लड़कियों को कुचलने वाले कैंटर चालक को आज एडीशनल सेशन जज नवल कुमार की कोर्ट ने 10 साल कैद की सजा सुनाई। साथ ही दोषी पर 50 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया है।
वर्ष 2012 में नवरात्रों में 20 अक्तूबर की तड़के जगदीश कालोनी निवासी गुरप्रीत कौर कालोनी की रहने वाली लड़कियों अमरजोत, शालू, रजनी और डिंपी के साथ काली माता मंदिर माथा टेकने जा रही थी। इसी बीच पटियाला-राजपुरा रोड पर होटल के नजदीक पीछे से इन लड़कियों में एक कैंटर चालक ने जोरदार टक्कर मारी।
इस हादसे में डिंपी और रजनी की मौके पर ही मौत हो गई थी। गुरप्रीत कौर, अमरजोत व शालू जख्मी हो गई थीं। इलाज के लिए पीजीआई चंडीगढ़ ले जाते समय गुरप्रीत कौर की भी मौत हो गई थी।
इस मामले में लाहौरी गेट थाना पुलिस ने बाद में मरने वाली लड़की गुरप्रीत कौर के पिता के बयान पर आरोपी कैंटर चालक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया था। मंगलवार को अदालत ने सुनवाई के बाद कैंटर चालक परमजीत सिंह निवासी राईमाजरा को दोषी पाते हुए 10 साल कैद और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुना दी।