पंजाब सरकार के दावों के विपरीत राज्य में बिजली का संकट कम नहीं हो रहा है। शनिवार को जिस तलवंडी साबो थर्मल प्लांट के चालू होने का सरकार ने जोर-शोर से ऐलान किया था, वह प्लांट फिर से बंद पड़ गया है। ट्रायल ऑपरेशन के दौरान फाल्ट आने से इसे बंद कर दिया गया है। इस यूनिट से पंजाब को 660 मेगावाट बिजली मिलनी थी।
पंजाब में अब तक के सबसे बड़े प्राइवेट निवेश के तौर पर करीब 10 हजार करोड़ की लागत से मानसा में तलवंडी साबो थर्मल प्लांट लगाया गया है। इस प्लांट के 660-660 मेगावाट के तीन यूनिट है। जिसमें से फिलहाल पहले यूनिट का पूरे लोड पर चलने का शनिवार को पंजाब सरकार ने जोर-शोर से ऐलान किया था। लेकिन यह प्लांट फिर से बंद पड़ गया है।
ट्रायल आपरेशन के दौरान फाल्ट आने के कारण प्लांट को बंद किया गया है। पावरकॉम अधिकारियों के मुताबिक अभी कम से कम तीन दिन तक और इस प्लांट को दोबारा चालू नहीं किया जा सकेगा। इसके बाद अगर प्लांट चालू भी होता है, तो फिलहाल ट्रायल आपरेशन किए जाएंगे। जिसमें प्लांट के पहले यूनिट को इसके फुल लोड पर 72 घंटों तक चलाया जाएगा।
अगर इस दौरान प्लांट में कोई फाल्ट नहीं आता, तो ही इसे कामर्श्यली चलाया जाएगा। वहीं सूबे में कुछ जगह बारिश के चलते सोमवार को बिजली की मांग 2200 लाख यूनिट से कम होकर 2100 लाख यूनिट तक पहुंच गई। लेकिन तलवंडी साबो थर्मल प्लांट के बंद होने से बिजली की उपलब्धता कम रही। यही वजह है कि कई इलाकों में किसानों को वादे के मुताबिक आठ के बजाय पांच से साढ़े पांच घंटे ही बिजली मिल रही है।