पंजाबी यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर डा. जसपाल सिंह ने कहा कि स्टूडेंट्स को अपनी पढ़ाई के साथ-साथ खेलों की भी आदत डालनी चाहिए। आज की युवा पीढ़ी सारा कुछ ही अब कंप्यूटर, मोबाइल पर कर रही है।
उनका रोजाना का रहन-सहन बिल्कुल खराब होता जा रहा है। वे बुधवार को यूनिवर्सिटी के स्पोर्ट्स साइंस विभाग की ओर से स्पोर्ट्स साइंस-फिटनेस मैनेजमेंट के लिए चुनौतियां और संभावनाएं विषय पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय सेमिनार को संबोधित कर रहे थे। इसमें विभिन्न विभागों से आए 200 स्टूडेंट्स और डेलीगेटों ने हिस्सा लिया।
वीसी ने स्टूडेंट्स को समझाया कि कम खाना, कम सोना और मेहनत करना हमेशा अच्छा होता है। कान्फ्रेंस की मुख्य वक्ता डा. गुरदीप कौर डाइटीशियन एम्स नई दिल्ली ने खिलाड़ियों को अपने कद और भार के हिसाब से किस तरह खुराक लेनी चाहिए, इसके बारे में विस्तार के साथ बताया।
सरबत दा भला ट्रस्ट के चेयरमैन एसपी ओबराय ने स्पोर्ट्स साइंस विभाग में डिप्लोमा कोर्स इन गतका के स्टूडेंट्स के लिए 75 प्रतिशत फीस के चेक वीसी के जरिये स्टूडेंट्स को दिए और फीस का 25 प्रतिशत स्टूडेंट्स खुद भरेंगे। ताकि फीस की कमी के कारण इच्छुक विद्यार्थी पढ़ाई से वंचित न रह सकें।
पंजाब इंस्टीट्यूट एंड स्पोर्ट्स मोहाली के डायरेक्टर सुखबीर सिंह ने कहा कि अच्छे खिलाड़ी बनने के लिए पढ़ाई के साथ-साथ खेल के मैदान में प्रैक्टिकल करना भी बेहद जरूरी है और यह काम छोटी उम्र से शुरू हो जाना चाहिए।
स्पोर्ट्स साइंस विभाग के प्रमुख डा. परमवीर सिंह ने कहा कि शिक्षा का मूल उद्देश्य है एक बहुपक्षीय शख्सियत का निर्माण करना, समय-समय पर आ रही चुनौतियों का सामना करना और नई दिशाओं पर काम करने के लिए अथक मेहनत करना है।