पंजाब में सेटेलाइट के जरिये खेतों में पराली जलाने के मामलों की मॉनिटरिंग की जा रही है। अमृतसर के अलावा पटियाला में सात, तरनतारन में पांच, बरनाला में दो, बठिंडा में एक, फिरोजपुर, होशियारपुर, जालंधर, संगरूर व मालेरकोटला में भी पराली जलाने का एक-एक मामला सामने आया है।
पंजाब में बड़े-बड़े दावों के विपरीत खेतों में पराली जलने का सिलसिला फिर शुरू हो गया है। सूबे में रविवार तक पराली जलाने के कुल 56 मामले सामने आए हैं।
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इनमें से 24 मामलों में 1 लाख 10 हजार रुपये का जुर्माना किया है, जबकि 13 रेड एंट्रियां की गई हैं। पराली जलाने के मामले में अमृतसर जिला पहले नंबर पर है। यहां अब तक पराली जलाने के 35 मामले सामने आए हैं। गौरतलब है कि भूमि रिकाॅर्ड में रेड एंट्री होने पर संबंधित किसान न तो अपनी जमीन बेच सकता है और न ही उसे गिरवी या फिर उस पर लोन ले सकता है।
पंजाब में सेटेलाइट के जरिये खेतों में पराली जलाने के मामलों की मॉनिटरिंग की जा रही है। अमृतसर के अलावा पटियाला में सात, तरनतारन में पांच, बरनाला में दो, बठिंडा में एक, फिरोजपुर, होशियारपुर, जालंधर, संगरूर व मालेरकोटला में भी पराली जलाने का एक-एक मामला सामने आया है। कुल 1 लाख 10 हजार रुपये का जुर्माना किया गया है। इसमें से 50,000 रुपये की वसूली कर ली गई है। पंजाब में 13 केसों में सेक्शन 223 बीएनएस के अधीन एफआईआर दर्ज की गई है। पीपीसीबी के अधिकारियों के मुताबिक पंजाब में पराली जलाने से रोकने के लिए टीमें बनाकर लगातार किसानों को जागरूक किया जा रहा है। उन्हें पराली जलाने से होने वाले नुकसानों के बारे में बताया जा रहा है। जरूरत पड़ने पर सख्ती भी बरती जा रही है। उम्मीद है कि जल्द पराली जलाने के मामले खत्म हो जाएंगे।