पटियाला। बड़ी और छोटी दोनों नदियों के कायाकल्प और सौंदर्यीकरण का काम युद्ध स्तर पर जारी है। विरासती शहर की इन दोनों नदियों को सुंदर स्थानों के तौर पर विकसित करने के लिए पंजाब सरकार ने विशेष प्रोजेक्ट शुरू किया है।
पिछले साल अक्तूबर में शुरू किए प्रोजेक्ट के तहत इन दोनों नदियों में बह रहे घरेलू व इंडस्ट्रीज के गंदे पानी को रोक कर दोनों नदियों में प्रदूषण के स्तर को पूरी तरह खत्म किया जाएगा। ड्रेनेज विभाग के मुख्य इंजीनियर दविंदर सिंह ने बताया कि घरों के गंदे पानी के ट्रीटमेंट के लिए 26 और 15 एमएलडी के दो एसटीपी और इंडस्ट्रीज के गंदे पानी की ट्रीटमेंट के लिए 2.5 एमएलडी का एक ईटीपी दिसंबर 2022 तक लग जाएंगे, जबकि इनका आधा काम अगले साल मार्च में पूरा हो जाएगा।
वहीं, बड़ी नदी में साफ पानी के भंडारण के लिए चेक डैम, आटोमैटिक टिलटिंग गेट/फ्लैप गेट बनाए जाएंगे। छोटी नदी को लोगों के लिए सैरगाह व मनोरंजक स्थान के तौर पर विकसित करने के लिए ग्रीन पार्क, पैदल सैर रास्ता, साइकिल ट्रैक, लैंड स्केपिंग साथ इसका सौंदर्यीकरण किया जाएगा। जबकि इन नदियों में बाढ़ के पानी के बहने की क्षमता को बढ़ाना भी इस प्रोजेक्ट का हिस्सा है।
सीवरेज लाइनें बिछाने का काम 60 प्रतिशत पूरा
इसके अलावा छोटी नदी के साथ-साथ सीवरेज लाइनें बिछाने का काम 60 प्रतिशत पूरा हो चुका है। इसके अलावा पैदल रास्ता व साइकिल ट्रैक के बड़े हिस्से का निर्माण किया जा चुका है। सीवरेज डालने का रहता काम दिसंबर 2021 के अंत तक पूरा होने की संभावना है। पैदल चलने के रास्ते के अलावा बाहरी चारदिवारी पर कांटों वाली तार लगाने का काम शुरू कर दिया गया है। छोटी नदी में बरसाती पानी खींचने के लिए पाइप डालने का काम 60 प्रतिशत पूरा हो चुका है।