पंजाब की सियासत में पिछले कई दिनों से चल रहीं अटकलों को विराम देते हुए पूर्व कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने रविवार को पटियाला में साफ कर दिया कि उनका फिलहाल कांग्रेस छोड़ने का कोई इरादा नहीं है। उन्होंने खुद को कांग्रेस पार्टी का वफादार सिपाही बताया और भाजपा व आम आदमी पार्टी पर जमकर हमले बोले।
गौरतलब है कि पिछले दिनों सिद्धू ने पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के साथ लंच पर मुलाकात की थी, तब निकल कर आया था कि दोनों में बात नहीं बनी है और सिद्धू कभी भी आप में शामिल हो सकते हैं या फिर दोबारा भाजपा ज्वाइन कर सकते हैं। लेकिन रविवार को उन्होंने साफ संकेत दिए कि वे कांग्रेस छोड़कर कहीं नहीं जाने वाले। सिद्धू की पटियाला फेरी की एक खास बात यह भी रही कि उन्होंने मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह व उनकी सरकार की पिछले चार वर्षों की कारगुजारी पर पूछेे सवालों को टाल दिया।
सिद्धू ने कहा कि पंजाब सरकार की नीतियों व योजनाओं पर वे कोई टिप्पणी नहीं करेंगे, इस पर अंतिम फैसला पंजाब की जनता ही देगी। लेकिन यह जरूर कहा कि पंजाब सरकार तभी दोबारा सत्ता में आएगी, अगर उसकी नीतियां अच्छी रही होंगी। यानी कि वे पंजाब सरकार की नीतियों से पूरी तरह संतुष्ट भी नहीं दिखे।
उन्होंने यह कहकर भाजपा हाईकमान को भी साफ संकेत दे दिया कि वे दोबारा पार्टी में शामिल होने के मूड में नहीं हैं। सिद्धू ने कहा कि उन्होंने भाजपा इसलिए छोड़ी, कि उन्हें पंजाब में डकैतों के लिए प्रचार करने को कहा गया। जब उन्होंने इससे इनकार किया तो उन्हें पंजाब छोड़ने को कह दिया गया। सिद्धू ने कहा कि यह उनकी जड़ों को भुला देने जैसा था, जिसके लिए वे राजी नहीं हुए। इस मौके पर उन्होंने दिल्ली के मुख्यमंत्री व आप सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल को भी पंजाब के 25 लाख नौजवानों के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने के दावे को लेकर घेरा।