पटियाला की नाभा जेल में बंद बिक्रम मजीठिया से मिलने पहुंचे अकाली नेताओं को जेल के गेट पर ही रोक दिया गया और उन्हें मिलने नहीं दिया। मजीठिया से मिलने पहुंचे पूर्व अकाली मंत्री डॉ. दलजीत सिंह चीमा, महेशइंद्र सिंह ग्रेवाल और सिकंदर सिंह मलूका पहुंचे थे।
आय से अधिक संपत्ति मामले में जेल में बंद बिक्रमजीत सिंह मजीठिया से मिलने बुधवार को शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के कई वरिष्ठ नेता पहुंचे थे। नाभा की नई जिला जेल में बंद मजीठिया से मिलने पहुंचे पूर्व अकाली मंत्री डॉ. दलजीत सिंह चीमा, महेशइंद्र सिंह ग्रेवाल और सिकंदर सिंह मलूका को जेल गार्द व पुलिस के तैनात मुलाजिमों ने बाहरी गेट पर ही रोक दिया। जेल के सुपरिंटेंडेंट इंद्रजीत सिंह काहलों वहां पहुंचे। उन्होंने अकाली नेताओं की मजीठिया के साथ मुलाकात करवाने से इनकार कर दिया। उनसे कहा कि मजीठिया से केवल उनके परिवार के सदस्य ही मिल सकते हैं। अकाली नेताओं ने जेल के बाहर विरोध जताया। ये तीनों पूर्व मंत्री करीब एक घंटे तक जेल के बाहर खड़े रहे और मजीठिया से मिले बिना ही लौट गए।
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महेशइंद्र सिंह ग्रेवाल, सिकंदर सिंह मलूका और डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने कहा कि वे बिक्रम मजीठिया से मिलने आए थे। जेल प्रशासन ने उन्हें मजीठिया से मिलने की इजाजत नहीं दी। जेल प्रशासन सरकार की मदद से उन्हें मजीठिया से मिलने नहीं दे रहा है। मलूका ने कहा कि मजीठिया पर अभी आरोप तय नहीं हुए हैं। फिलहाल पर्चा दर्ज हुआ है, जो झूठा है। पंजाब की जनता भी इस सरकार से तंग आ चुकी है और बदलाव चाहती है।
चीमा ने कहा कि पंजाब में इमरजेंसी जैसे हालात पैदा कर दिए गए हैं। कांग्रेस और अकाली दल के समय भी ऐसे हालात नहीं थे, जो आप की मान सरकार ने बना दिए हैं। मामले को लेकर जेल के सुपरिंटेंडेंट इंद्रजीत सिंह काहलों ने बताया कि केवल परिवार के सदस्य या वकील ही मजीठिया से मुलाकात कर सकते हैं। जेल के नियमों के अनुसार ही मुलाकात करवाई जा रही है। परिवार के सदस्य सोमवार और गुरुवार को मुलाकात कर सकते हैं।
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मजीठिया से न मिलने देना मानवाधिकारों का उल्लंघन -चीमा
डा. दलजीत सिंह ने कहा कि जेल में मजीठिया से न मिलने देना मानवाधिकारों का उल्लंघन है। यह बदले की राजनीति से प्रेरित है। इससे मान सरकार की विपक्ष को चुप कराने की नीति सामने आती है। मान सरकार सोचती है कि अगर इससे अकाली दल पंजाब में फैल रहे भ्रष्टाचार, अमन-कानून की बिगड़ रही स्थिति के बारे में बोलना बंद कर देगी, ऐसा होगा नहीं। जल्द ही इस सारे मसले पर विचार करके फैसला लिया जाएगा। यह पहली बार हुआ है कि जेल में बंद किसी व्यक्ति से मिलने नहीं दिया जा रहा है।