अकाली दल (बादल) की ओर से गुरुद्वारा श्री भट्ठा साहिब में शनिवार को विशाल कांफ्रेंस का आयोजन किया गया। काफ़्रेंस में अलग-अलग नेताओं ने कहा कि सरबत खालसा केवल श्री अकाल तख़्त साहिब के जत्थेदार साहिब की तरफ से ही बुलाया जा सकता है।
शिक्षा मंत्री डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने कहा कि कुछ दिन से शरारती तत्व प्रदेश का माहौल करने की साजिश रचते हुए सिख परंपराओं को नुकसान पहुंचा रहे हैं। इससे सिख संगत में रोष है।
चीमा ने कहा कि सिख तीर्थ स्थानों पर कंट्रोल करने के लिए शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति का गठन किया गया था। यह समिति हर पांच साल बाद लोगों की तरफ से मतदान के जरिए चुनी जाती है और गुरुद्वारों संबंधी सभी फैसले लेती है। कुछ संस्थाएं मतदान में जीत नहीं पाईं। उन्हें 170 में से केवल सात सीटें ही मिलीं।
चीमा ने कहा कि केवल कुछ लोगों की तरफ से कॉल करके किए जाने वाले जलसे को सरबत खालसा नहीं कहा जा सकता। सरबत खालसा बुलाने का अधिकार केवल श्री अकाल तख़्त साहिब के जत्थेदार के पास ही है।
शिक्षामंत्री डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने कहा कि सभी लोग हर साल की तरह इस साल दिवाली मनाएं। काली दिवाली न मनाई जाए। उन्होंने कहा कि दरबार साहिब श्री हरमंदिर साहिब में भी हर बार की तरह दिवाली मनाई जाएगी लेकिन प्रदूषण न फैले इसके लिए पटाख़े न चलाए जाए।