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पंजाब में बिजली की रिकाॅर्ड मांग: 16836 मेगावाट पर पहुंची, भाखड़ा का जलस्तर 28 फीट घटा

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-इसी तरह से वृद्धि जारी रही, तो पावरकॉम को लगाने पड़ सकते हैं अघोषित कट
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-एक ही दिन में मांग में 587 मेगावाट बढ़ी, उत्तरी ग्रिड से 10243 मेगावाट बिजली ली
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अमर उजाला ब्यूरो
पटियाला। पंजाब में बुधवार को कबीर जयंती की सरकारी छुट्टी होने के बावजूद बिजली की मांग 16836 मेगावाट के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई। मंगलवार के मुकाबले बिजली की मांग में 587 मेगावाट की वृद्धि दर्ज की गई। बुधवार को पंजाब में बिजली की अधिकतम मांग 16836 मेगावाट रही, जो मंगलवार को 16249 मेगावाट थी। वहीं बांधों में जल स्तर में कमी आने वाले दिनों में पंजाब में बिजली संकट को और गहरा सकती है। भाखड़ा बांध में जल स्तर 1555.4 फीट है, जो पिछले साल के 1584.2 फीट की तुलना में 28 फीट कम है। इसी तरह से रणजीत सागर बांध में जल स्तर 506.9 मीटर है, जबकि इसी दिन पिछले साल जल स्तर 507.20 मीटर था।
भीषण गर्मी और धान की रोपाई के कारण बिजली की मांग में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। माहिरों का मानना है कि अगर इसी तरह से बिजली की मांग में बढ़ोतरी का सिलसिला जारी रहा, तो पावरकॉम को अघोषित कट लगाने पड़ेंगे। दरअसल पावरकॉम के पास 16900 मेगावाट की बिजली की मांग पूरी करने के प्रबंध हैं।
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2023 में इसी दिन बिजली की मांग 8669 मेगावाट और साल 2024 में 13761 मेगावाट थी। इस रिकाॅर्ड मांग को पूरा करने के लिए पावरकाॅम ने उत्तरी ग्रिड से 10,243 मेगावाट बिजली ली। वहीं, पावरकाम का अपना कुल बिजली उत्पादन 6600 मेगावाट रहा। राहत की बात यह रही कि पंजाब को सभी थर्मल प्लांटों के यूनिटों से निर्विध्न बिजली सप्लाई होती रही। यहां तक कि रणजीत सागर की चार इकाइयों सहित अन्य जलविद्युत संयंत्र भी चल रहे हैं। 16836 मेगावाट की रिकॉर्ड मांग के समय पावरकाॅम का अपना थर्मल उत्पादन 2020 मेगावाट दर्ज किया गया। प्राइवेट थर्मल प्लांटों से बिजली उत्पादन 3192 मेगावाट और हाइड्रो बिजली उत्पादन 950 मेगावाट व सौर बिजली उत्पादन 395 मेगावाट दर्ज किया गया।

17000 मेगावाट तक पहुंच सकती है मांग
पंजाब में पिछले तीन दिनों से बिजली की मांग में तेजी से वृद्धि दर्ज की जा रही है। जहां 9 जून को बिजली की मांग 15624 मेगावाट दर्ज की गई थी। वहीं 10 जून को बिजली की मांग रिकॉर्ड तोड़ 16,249 मेगावाट तक पहुंच गई थी, जो पिछले साल पूरे जून महीने में दर्ज की गई सबसे अधिक 16089 मेगावाट की मांग को भी पार कर गई थी। पावरकाॅम अधिकारियों के मुताबिक अगर मौसम का मिजाज यही बना रहा, तो आने वाले दिनों में बिजली की अधिकतम मांग 17000 मेगावाट से अधिक हो सकती है। हालांकि अधिकारियों का दावा है कि इस अनुमानित मांग को पूरा करने के लिए पावरकाॅम बाहर से अधिक बिजली लेने समेत अन्य उपाय करने के लिए तैयार है।
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कोयले का स्टॉक पर्याप्त
सरकारी व प्राइवेट क्षेत्र के थर्मल प्लांटों में कोयले का स्टॉक पर्याप्त है। लहरा मोहब्बत थर्मल में 21 दिनों का स्टॉक, रोपड़ थर्मल में 34 दिनों और गोइंदवाल में 28 दिन का स्टॉक है। निजी क्षेत्र के राजपुरा थर्मल प्लांट में 31 दिनों का स्टॉक और तलवंडी साबो में 23 दिनों का स्टॉक है।
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