पटियाला में मांगों को लेकर प्रदर्शन करती राजिंदरा अस्पताल की नर्सें।
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जेलों में बंद अपनी साथी नर्सों की रिहाई और रेगुलर करने की मांग को लेकर सरकारी राजिंदरा अस्पताल में नर्सों की ओर ओपीडी के सामने शुरू किया गया इसमें आंदोलनकारी नर्सों के रिश्तेदारों और परिवार वालों ने भी हिस्सा लिया।
उधर पटियाला जेल में बंद नर्सिंग स्टाफ की प्रधान कर्मजीत कौर औलख का मरणव्रत आज भी जारी रहा। धरनाकारियों ने चेतावनी दी है कि जल्द ही उनकी मांगें न मानी र्गइं, तो सोमवार से आंदोलन तेज किया जाएगा।
शनिवार को जारी बयान में राजिंदरा अस्पताल की कांट्रैक्ट नर्सों ने कहा कि मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने विभिन्न तारीखों को रेगुलर करने के भरोसे दिए, लेकिन एक भी वादा नहीं निभाया। इससे तंग आकर ही प्रधान कर्मजीत कौर औलख ने भाखड़ा नहर में छलांग लगाई थी।
जिसके बाद प्रशासन की ओर से 80 से ज्यादा नर्सों के खिलाफ पर्चे दर्ज करके उन्हें जेलों में डाल दिया गया था। अभी तक इन नर्सों को रिहा नहीं किया गया है। जिसके विरोध में नर्सिंग स्टाफ के रिश्तेदार और अभिभावक भी राजिंदरा अस्पताल की ओपीडी के बाहर बैठकर प्रदर्शन कर रहे रहे हैं।
प्रधान कर्मजीत कौर औलख के भाई दविंदर सिंह ने कहा कि बादल सरकार की ओर से उनकी बेटियों व बहनों के साथ अन्याय किया जा रहा है। अगर जल्द ही मांगें न मानी, तो सोमवार से आंदोलन तेज किया जाएगा। जिसके गंभीर परिणामों की जिम्मेदार सरकार खुद होगी। राजिंदरा अस्पताल में ओपीडी के बाहर चल रहे धरने में नर्सें गुरजीत कौर व अमनदीप कौर भूख हड़ताल पर बैठी हैं। प्रधान औलख ने चेतावनी दी है कि जल्द ही मांगें न मानी, तो जेल में बंद सभी नर्सें मरणव्रत पर बैठ जाएंगी।