अमर उजाला ब्यूरो
पटियाला। पंजाब में शनिवार को हवा काफी प्रदूषित रही और पांच शहरों का एक्यूआई खराब श्रेणी में दर्ज किया गया। इनमें मंडी गोबिंदगढ़ का एक्यूआई सबसे अधिक 249, खन्ना का 238, पटियाला का 204, जालंधर का 202 और अमृतसर का 201 दर्ज किया गया।
वहीं दो शहरों बठिंडा व लुधियाना का एक्यूआई यलो जोन में दर्ज किया गया जो क्रमवार 132 व 163 रहा। दावों के विपरीत पंजाब में शनिवार को खूब पराली जली और 238 नए मामले सामने आए। इससे अब पराली जलाने के कुल मामलों की गिनती बढ़कर 3622 पहुंच गई है। पराली जलाने में सीएम भगवंत मान का जिला संगरूर 602 मामलों के साथ पहले स्थान पर है। तरनतारन 562 मामलों के साथ दूसरे और 367 मामलों के साथ फिरोजपुर तीसरे स्थान पर है। शनिवार को पंजाब में सबसे ज्यादा पराली संगरूर में ही जली और यहां 36 नए मामले सामने आए।
संगरूर, तरनतारन और फिरोजपुर के बाद अमृतसर से पराली जलाने के सबसे अधिक 285 मामले, बठिंडा से 248, पटियाला से 199, कपूरथला से 118, मानसा से 181, मुक्तसर से 177, मोगा से 204, लुधियाना से 135, बरनाला से 71, मालेरकोटला से 73, जालंधर से 58, फाजिल्का से 90, फरीदकोट से 84, फतेहगढ़ साहिब से 38, एसएएस नगर से 29, होशियारपुर से 15 मामले सामने आए।
शनिवार को संगरूर के बाद फिरोजपुर में पराली जलाने के 33 मामले, मानसा में 27 मामले, मोगा में पराली जलाने के 26 मामले, तरनतारन में 21, मुक्तसर में 15, लुधियाना में 10 मामले प्रमुख तौर से सामने आए। पराली जलाने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई भी जारी है। पंजाब में सात नवंबर तक 1506 मामलों में 79 लाख 55 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है जिसमें से 40 लाख 70 हजार रुपये की वसूली कर ली गई है। इसके साथ ही 1222 मामलों में एफआईआर दर्ज की गई है और 1440 रेड एंट्रियां की गई हैं।