पटियाला। कोरोना के संकटकाल में पंजाबी यूनिवर्सिटी के मुलाजिम व अध्यापकों को पिछले दो महीनों से तनख्वाहें और पेंशनरों को पेंशन नहीं मिली है। लगातार मांग के बावजूद इस मामले में पंजाब सरकार या पीयू प्रशासन गंभीर नजर नहीं आ रहा है। जिससे साफ होता है कि सरकार अपने मुलाजिमों के हितों को पूरा करने में नाकाम है। यह विचार कमेटी के डा. बलराज सिंह बराड़ और गुरमुख सिंह ने ज्वाइंट एक्शन कमेटी (जेएसी) के बैनर तले पीयू में वीसी दफ्तर आगे दिए धरने के दौरान जाहिर किए। इस मौके सभी ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई।
धरने को संबोधित करते पुटा प्रधान डा. निशान सिंह ने रोष व्यक्त किया कि पंजाब सरकार मुलाजिम विरोधी सरकार साबित हो रही है। पुटा उप प्रधान डॉ. मनिंदर सिंह ने कहा कि पीयू की आर्थिक हालत में सुधार के लिए सरकार ने कोई एकमुश्त ग्रांट और न ही बजट में घोषित 90 करोड़ की ग्रांट अब तक जारी की है। सरकार को पीयू को दी जाने वाली महीनेवार ग्रांट में ही बढ़ोतरी करनी चाहिए। उन्होंने रोष जताया कि मार्च व अप्रैल की दो महीनों का वेतन व पेंशन अब तक जारी नहीं हुआ है। जबकि मई महीना भी आधा खत्म होने वाला है। उप प्रधान ने कहा कि तनख्वाहें व पेंशन नहीं मिलने के कारण मुलाजिमों व पेंशनरों को अपने खर्चे पूरे करने मुश्किल हो गए है। कमेटी ने सरकार से तुरंत यूनिवर्सिटी के मुद्दों की तरफ ध्यान देने की अपील की। साथ ही मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन तेज करने के लिए भी चेताया।