पटियाला। पंजाब सरकार पर पीआरटीसी की करोड़ों की उधारी है, लेकिन कारपोरेशन
की खराब आर्थिक हालत को देखते हुए भी सरकार नहीं पिघली है और इस करोड़ों
की उधारी में से कुछ का भुगतान करने को ही फिलहाल राजी हुई है।
इससे
पीआरटीसी की मुश्किलें कम होती नजर नहीं आ रही हैं। कारपोरेशन पर इस समय
पेंशनरों की कई महीनों की पेंशन बकाया है। इसके भुगतान की मांग को लेकर
पेंशनर लगातार आंदोलन कर रहे हैं।
अब जाकर कई मीटिंगों के बाद सरकार
ने इस 66 करोड़ में से 13 करोड़ की उधारी एक-दो दिनों में चुकाने की हामी
भरी है। इस पैसे से पहल के आधार पर पेंशनें दी जाएंगी। हालांकि पेंशनें भी
पूरी नहीं दी जा सकेंगी, क्योंकि 3500 पेंशनरों की हर महीने की पेंशन ही
साढ़े पांच करोड़ रुपये बनती है। इससे कारपोरेशन मैनेजमेंट काफी हताश है।
पीआरटीसी
के चीफ अकाउंट्स आफिसर मोहन लाल ने कहा कि सरकार बड़ी मुश्किल से 13 करोड़
देने को राजी हुई है। इस पैसे से पेंशनें पहल पर दी जाएंगी। रेगुलर
मुलाजिमों की सैलरियां कहीं ओर से जुटाई जाएंगी।