पेंशन समय पर न मिलने से गुस्साए पीआरटीसी पेंशनरों का बस स्टैंड पर मैनेजमेंट व सरकार के खिलाफ धरना मंगलवार को भी जारी रहा। पीआरटीसी पेंशनर्स एसोसिएशन के बैनर तले चल रहे इस आंदोलन के जरिये हर महीने की 10 तारीख से पहले पेंशन देना यकीनी बनाने, पिछले दो महीने से रुकी पेंशन रिलीज करने की मांगें प्रमुखता से उठाई जा रही हैं।
एसोसिएशन के प्रदेश प्रधान भगवंत सिंह कंगनवाल, महासचिव बचन सिंह अरोड़ा, हरी सिंह चमक आदि ने कहा कि मैनेजमेंट पीआरटीसी पेंशनरों की मांगें न मान कर उन्हें सड़कों पर भटकने के लिए मजबूर कर रही है। वहीं हाईकोर्ट के आदेशों का भी उल्लंघन हो रहा है। कोर्ट ने आदेश कर रखा है कि पेंशनरों को हर महीने 10 तारीख से पहले पेंशन दी जाए लेकिन पीआरटीसी के सैकड़ों पेंशनरों को पिछले दो महीने से पेंशन नहीं मिली है।
पेंशन हर महीने की 10 तारीख से पहले देना यकीनी बनाने की मांग की गई। साथ ही 1 जनवरी 2006 से पहले के रिटायर हुए पेंशनरों की 38 महीने की डीए की किस्तों की अदायगी, पे कमीशन की रिपोर्ट पर बकाया, मेडिकल रिइंबर्समेंट की अदायगी और वरिष्ठता बनाकर रिटायर हो रहे पेंशनरों की ग्रेच्युटी, लीव एनकैशमेंट और जीपी फंड की अदायगी नहीं कर देती, तब तक संघर्ष लगातार जारी रखा जाएगा।
ऐलान किया गया कि मैनेजमेंट के खिलाफ पेंशनरों की ओर से लगातार 25 फरवरी तक पटियाला बस स्टैंड पर धरने जारी रहेंगे। फिर भी मांगें न मानी गईं, तो सारे डिपुओं के पेंशनर्स 26 फरवरी को पटियाला हेडआफिस का घेराव करेंगे। धरने में शिव कुमार, जोगिंदर सिंह, जीवन राम, सुरिंदर बची ने भी भाग लिया।