कर्मचारियों की मांगों को लेकर पीआरटीसी में काम करने वाली विभिन्न जत्थेबंदियों एटक, कर्मचारी दल, सीटू, एससीबीसी और इंटक की ओर से मंगलवार को बस स्टैंड पर रोष प्रदर्शन किया गया।
इस मौके पर पेंशनरों के करोड़ों रुपये के बकाया देने, हर महीने उन्हें पेंशन समय पर देने समेत अन्य कई मांगें उठाई गईं। इनके पूरा न होने पर 25 फरवरी को पंजाब भर में एक दिन की मुकम्मल हड़ताल की जाएगी।
रोष प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कर्मचारी नेताओं निर्मल सिंह धालीवाल, जरनैल सिंह, टहल सिंह, गुरबख्शा राम, रमेश भट्टी आदि ने कहा कि पंजाब सरकार की गलत ट्रांसपोर्ट नीतियों की वजह से आज पीआरटीसी 300 करोड़ की देनदारियों में फंसी हुई है। इसकी हालत यह है कि अपने कर्मचारियों व पेंशनरों को तनख्वाह व पेंशन भी दो महीने से नहीं दिया जा सका। ऊपर से सेवामुक्त कर्मचारियों के 140 करोड़ से अधिक के बकाया नहीं दिए जा रहे हैं।
1992की पेंशन से वंचित वर्करों को पेंशन के घेरे में लेकर आने की वाजिब मांग को लंबे समय से लटकाया जा रहा है। कांट्रेक्ट सिस्टम के अधीन काम कर रहे वर्करों की सेवाएं रेगुलर नहीं की जा रही हैं और पिछले 10 साल से उन्हें कम तनख्वाहें देकर खूब काम लिया जा रहा है।
मांग की गई कि पीआरटीसी को भी पंजाब रोडवेज की तर्ज पर सरकार हर साल सालाना आर्थिक मदद दे। सरकार की ओर से मुफ्त सफर सुविधाओं के बदले बनते 50 करोड़ रुपये भी नहीं दिए जा रहे हैं। वर्करों की पदोन्नितयों के मामले को लटकाया जा रहा है। खस्ताहालत बसों की जगह नई बसें नहीं डाली जा रही हैं। कारपोरेशन में भ्रष्टाचार काफी बढ़ गया है, इसे रोका जाना चाहिए।