संगतपुरा, मॉडल टाउन और बिद्धी चंद कालोनी में नाजायज तौर पर चल रही एक
दर्जन मिलों को बंद करवाने के लिए सोमवार को नगर सुधार संघर्ष कमेटी के
नेतृत्व में काउंसिल दफ्तर के सामने धरना देकर हड़ताल की गई।
इसको
शहर के सात पार्षदों ने भी समर्थन दिया। भूख हड़ताल पर बैठे रणधीर सिंह
बागड़िया और अजीत सिंह ने कहा कि काउंसिल की 54 बीघा जमीन में पिछले 30 साल
से अवैध फैक्ट्रियां चल रही हैं जिनकी अवधि 1986 में समाप्त हो गई थीं।
काउंसिल ने ढीली कारगुजारी के चलते कभी इन मिलों को हटाने का नोटिस नहीं
लिया। उनके घरों में इस कारण दरारें आ गई हैं। उन्होंने उन 70 घरों की
डिटेल भी बताई जिनकी दीवारों में दरारें आ चुकी हैं।
धरने को बसपा
और आप ने भी समर्थन दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर तुरंत प्रभाव से इन
मिलों को रिहायशी एरिया से न हटाया गया तो वह जीटी रोड पर मरण व्रत पर बैठ
जाएंगे। धरना सुबह 9 बजे से शुरू होकर रात 10 घंटे तक चला। आप के जिला
कनवीनर ने नगर काउंसिल अधिकारियों और अध्यक्ष से बातचीत दौरान धरनाकारियों
को आश्वासन दिलाया तब जाकर धरना समाप्त किया।
कार्यकारी अधिकारी
अशोक कुमार ने कहा कि इंडस्ट्री वालों को नोटिस भेज दिए गए हैं। यह मामला
डिप्टी डायरेक्टर लोकल बाडी लुधियाना के पास सुनवाई अधीन है। अगले
निर्देशों का पालन किया जाएगा।