सोमवार को पटियाला के सरकारी डेंटल कालेज में आयोजित प्रदेशस्तरीय समागम मौके आंखों की संभाल संबंध
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पटियाला। पंजाब के सेहत एवं परिवार कल्याण मंत्री चेतन सिंह जौड़ामाजरा ने कहा कि राज्य के सरकारी अस्पतालों को केवल रेफरल अस्पताल नहीं बनने दिया जाएगा। इस दिशा में सरकारी राजिंदरा अस्पताल और सरकारी माता कौशल्या अस्पताल की पुरानी साख को बहाल करने के लिए यहां डॉक्टरों की कमी पूरी की जाएगी। अति आधुनिक चिकित्सा सेवाएं प्रदान करके यहां मरीजों का इलाज पीजीआई की तर्ज पर किया जाएगा। साथ ही बताया कि वह ऐसा प्रस्ताव तैयार कर रहे हैं, जिसके तहत एक विशेष पैकेज बनाकर बाहरी देशों के लोगों का इलाज भी सरकारी राजिंदरा अस्पताल में सस्ते रेटों पर किया जाए, क्योंकि बाहरी देशों में इलाज बहुत महंगा है। वह सोमवार को पटियाला के सरकारी डेंटल कॉलेज के ऑडिटोरियम में 37वें राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाडे़ के मौके पर आयोजित प्रदेशस्तरीय समागम में बोल रहे थे।
इस मौके पर जौड़ामाजरा ने खुद नेत्रदान करने का संकल्प लेकर दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि राजिंदरा अस्पताल में पिछले करीब 10 सालों से बंद पड़े आंखों की पुतलियां बदलने के आपरेशन दोबारा शुरू हुए हैं। इसके बाद यहां मुफ्त कॉर्निया ट्रांसप्लांट कराके गांव दुलदी की गुलजार कौर, पातड़ां की सीमा रानी और चीका से तेजो देवी ने आंखों की रोशनी दोबारा प्राप्त की है। इसके साथ ही स्टूडेंट्स को सस्ती मेडिकल की पढ़ाई कराने के लिए 16 नए मेडिकल कॉलेज बनाए जा रहे हैं।
इस मौके पर विधायक डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि किसी समय पटियाला आंखों की पुतलियां बदलने का केंद्र होता था, लेकिन पूर्व की सरकारों ने इस की तरफ कभी ध्यान नहीं दिया, लेकिन अब सरकार इस दिशा में पूरी तवज्जो दे रही है। उन्होंने कहा कि आंखों का इलाज कराने में मरीज को कभी लापरवाही नहीं करनी चाहिए। सरकारी राजिंदरा अस्पताल या प्रदेश के किसी भी सरकारी अस्पताल में मुफ्त इलाज कराना चाहिए। इस मौके पर सेहत एवं परिवार कल्याण विभाग के डायरेक्टर डॉ. रणजीत सिंह घोड़ता ने विभाग द्वारा किए जा रहे कामों संबंधी जानकारी दी।