अखिल भारतीय हिंदू सुरक्षा समिति के प्रदेश प्रभारी मुनीष सूद की सोमवार देर रात सुरक्षा गार्ड ने गोली मारकर हत्या कर दी गई।
हत्या
के आक्रोश में मंगलवार को विभिन्न हिंदू संगठनों ने पुरानी अनाज मंडी रोड
पर जबरन दुकानें बंद करवाई। इस दौरान सरहिंद के बाजार में स्थिति तनावपूर्ण
हो गई। पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद प्रदर्शनकारियों को शांत करवाकर
स्थिति पर नियंत्रण किया। इससे पहले भारी पुलिस सुरक्षा के बीच मंगलवार
सुबह सूद के शव का पोस्टमार्टम करवाया गया। जानकारी के अनुसार सूद को गोली
मारने के आरोपी सुरक्षा गार्ड सोमदत्त ने पुलिस थाने में आत्मसमर्पण कर
दिया है।
पोस्टमार्टम में सूद के शरीर और मुंह पर करीब 18 गोलियां
लगने की पुष्टि हुई। बाद दोपहर कड़ी सुरक्षा के बीच सूद का अंतिम संस्कार
किया गया। इस मौके पर विभिन्न हिंदू संगठन और राजनीतिक लोग मौजूद रहे। इस
दौरान करीब पांच सौ पुलिसकर्मी भी मौजूद थे। सोमदत्त 15 दिन पहले ही सूद की
सुरक्षा के लिए गुरदासपुर से आया था और सरहिंद थाना में हवलदार है। तीन
दिन पहले ही वह अपने गांव से लौटा था। पुलिस ने उसके खिलाफ हत्या का मामला
दर्ज कर लिया है।
जालंधर रेंज के आईजी लोकनाथ अंगारा व खन्ना के
एसएसपी गुरप्रीत सिंह, उप कप्तान दलजीत सिंह राणा, डीएसपी (डी) करनशेर सिंह
सहित आला अधिकारियों ने अखिल भारतीय हिंदू सुरक्षा समिति के सुप्रीमो
पंचानंद गिरी और शिवसेना हिंदुस्तान के राष्ट्रीय अध्यक्ष पवन गुप्ता,
पंजाब शिव सेना के अध्यक्ष संजीव घनौली सहित अन्य संगठनों के नेताओं को
शांति बनाए रखने की अपील की।
पुलिस अधिकारियों को कहा कि मामले की
जांच जारी है। हिंदू संगठनों ने पुलिस से मिले आश्वासन के बाद अपने संघर्ष
को विराम दे दिया। बुधवार को सभी हिंदू संगठन एक मंच पर इकट्ठा होकर अहम
फैसला करेंगे।