पटियाला में मांगों को लेकर धरना देते वन कर्मचारी।
- फोटो : PATIALA
जंगलात वर्कर्स यूनियन के बैनर तले सभी वन कर्मचारियों ने मंगलवार को बड़ी संख्या में इकट्ठा होकर जिला वन अधिकारी का दफ्तर घेर लिया और प्रदर्शन शुरू कर दिया। मौके पर रुकी तनख्वाहों की अदायगी करने के अलावा और कई मांगें उठाई गईं। इनके पूरा न होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी गई।
प्रधान वीरपाल सिंह ने कहा कि कई वन कर्मचारियों की जनवरी, अप्रैल, मई 2019 की तनख्वाहें अब भी पेंडिंग हैं। मैनेजमेंट की ओर से रुकी तनख्वाहों का भुगतान नहीं किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि वन विभाग में केंद्र सरकार की ओर से पौधरोपण के लिए भेजेे जा रहे करोड़ों रुपये का दुरुपयोग हो रहा है। इस संबंधी विजिलेंस जांच कराने की मांग की गई। मुलाजिम नेता बलवीर सिंह मंडोली ने कहा कि वन कर्मचारियों को न तो फर्स्ट एड दिया जाता है और न ही पौधों को कभी कोई दवा या स्प्रे या खाद डाली जाती है। बावजूद इसके इनके नाम पर लाखों रुपये के बिल पास कराके सरकार को चूना लगाया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि एक अक्तूबर को रखी गई बैठक में मांगें न निपटाई गईं तो अनिश्चितकाल के लिए संघर्ष शुरू किया जाएगा।