रोजगार की मांग को लेकर संगरूर स्थित मुख्यमंत्री भगवंत मान की रिहाइश के सामने ईटीटी बेरोजगार साझा मोर्चा के नेतृत्व में प्रर्दशन करने पहुंचे बेरोजगारों पर पुलिस ने जमकर लाठियां बरसाईं और पानी की बौछारें कर दीं। इससे कई प्रदर्शनकारी घायल हो गए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया गया।
इससे पहले बेरोजगार स्थानीय वेरका मिल्क प्लांट पर इकट्ठा हुए और सीएम निवास की तरफ बढ़ने लगे, लेकिन अचानक तय रणनीति को बदलते हुए प्रदर्शनकारियों ने बठिंडा-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे पर करीब चार घंटे चक्का जाम कर दिया। इससे यातायात बुरी तरह से प्रभावित हो गया। शाम करीब पौने चार बजे प्रदर्शनकारी मुख्यमंत्री के निवास की तरफ बढ़े, लेकिन पहले से तैनात पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए बैरिकेड लगा रखे थे। जैसे ही उन्होंने आगे बढ़ने की कोशिश की तो पुलिस ने वाटर कैनन से उन पर पानी की बौछारें कर दीं। जब प्रदर्शनकारी नहीं रुके तो उन्हें तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने लाठियां बरसानी शुरू कर दीं। लाठीचार्ज में बीर सिंह, नीलम, प्रियंका, सुखदेव अबोहर, रमेश अबोहर, अकाश, पूजा सहित अन्य घायल हो गए, जिन्हें तुरंत सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया गया।
ईटीटी काडर यूनियन के नेता हरजीत बुढलाडा और बंटी कंबोज ने कहा कि ईटीटी 2364 भर्ती संबंधी प्रोविजनल सिलेक्शन लिस्टें शिक्षा विभाग की तरफ से 25 जुलाई, 2024 और 5994 भर्ती की लिस्टें 1 सितंबर 2024 को जारी की जा चुकी हैं, लेकिन अभी तक शिक्षा विभाग की ओर से उन्हें जॉइन नहीं करवाया गया। राज्य के चार हलकों में उपचुनाव होने के कारण शिक्षा विभाग ने चुनाव संहिता का बहाना बनाकर भर्ती प्रक्रिया रोक दी थी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार बेरोजगारों के साथ अन्याय कर रही है। उन्होंने मांग की कि उन्हें बिना किसी देरी के तुरंत जॉइन किया जाए अन्यथा वे संघर्ष को तेज कर देंगे। इस मौके पर गुरसंगत बुढलाडा, बग्गा खुडाल, बलिहार सिंह, परमपाल फाजिल्का, मनप्रीत मानसा, रमेश अबोहर, हरीश कंबोज और परगट बोहा के अलावा अन्य मौजूद थे।
भाकियू उग्राहां और पीएसयू ने किया समर्थन
ईटीटी बेरोजगार अध्यापक यूनियन की ओर से किए गए रोष प्रर्दशन के दौरान भारतीय किसान यूनियन उग्राहां और छात्र संगठन पंजाब स्टूडेंट्स यूनियन की तरफ से समर्थन किया गया व बड़ी संख्या में वर्कर शामिल हुए।