पटियाला। प्रदेश सरकार के बजट से नाराज मुलाजिमों ने मंगलवार को बड़ी संख्या में इकट्ठा होकर मिनी सचिवालय में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस दौरान एक गठरी फूंकी गई जिसे वित्तमंत्री के झूठे दावों की गठरी बताया गया। मुलाजिम नेताओं दर्शन सिंह लुबाना, बचित्तर सिंह, खुशविंदर कपिला ने कहा कि वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल मुलाजिम जत्थेबंदियों के साथ हुई बैठकों में मांगों को लेकर किए वादों को भूल गए हैं। इन बैठकों में पुरानी पेंशन स्कीम के बहाली, एडहॉक, वर्कचार्ज, डेलीवेज, कांट्रेक्ट और आउटसोर्स कर्मचारियों की सेवाओं को नियमित करने, सिंचाई विभाग समेत विभिन्न विभागों का पुनर्गठन रोकने और डीए की बकाया किश्तें लागू करने का भरोसा दिया गया था। बजट में इन वादों को नजरअंदाज कर दिया गया। साथ ही घर-घर नौकरी देने का वादा भी बजट से गायब था। बजट में मुफ्त सुविधा देने का एलान करके प्रदेश सरकार ने पहले से ही आर्थिक संकट से जूझ रहे सरकारी ट्रांसपोर्ट को और डुबा दिया है। ऐसे फैसले मुलाजिमों को पूरी तरह से बर्बाद कर देंगे। इस दौरान उन्होंने बुधवार को झंडा मार्च करने का एलान किया।