नंगल। एनएफएल की चारों इकाइयों नंगल, बठिंडा, पानीपत और विजयपुर के मान्यता प्राप्त कर्मचारी संगठनों की ओर से गठित कोआर्डिनेशन कमेटी की दो दिवसीय अहम बैठक नंगल में संपन्न हुई। बैठक के समापन के बाद कर्मचारियों ने एनएफएल गेट के समक्ष रैली कर मैनेजमेंट के खिलाफ नारेबाजी की और लंबित मांगों को तुरंत पूरा करने की चेतावनी दी।
कोआर्डिनेशन कमेटी के अध्यक्ष संतोष कुमार ओझा, अश्वनी चोपड़ा, रितेश कुमार और सुमन कुमार ने बताया कि कर्मचारियों की मुख्य मांगों में केंद्र सरकार द्वारा श्रम कानूनों में किए गए बदलावों का कार्यान्वयन, एनएफएल के स्कूलों में फीस वृद्धि का मुद्दा, मेडिकल सुविधाएं, प्रमोशन, और कर्मचारियों को कंपनी के नवरत्न खिताब के अनुरूप लाभ प्रदान करना शामिल है।
संतोष ओझा ने चेतावनी दी कि यदि मैनेजमेंट ने समय रहते इन मांगों को पूरा नहीं किया तो कर्मचारी संघर्ष को और तेज करेंगे, जिसकी जिम्मेदारी पूरी तरह कंपनी पर होगी। उन्होंने कहा कि एनएफएल की चारों इकाइयां लगभग 50-50 वर्ष पुरानी हो चुकी हैं और कर्मचारियों की अनदेखी से कोई बड़ा हादसा भी हो सकता है। इस मौके पर कुलदीप सिंह औझला, तिलक राज बग्गा, तुषाट ढुल, मनीष कुमार, योगेश शुक्ला और दीक्षित सहित कई अन्य कर्मचारी नेता भी मौजूद रहे। कर्मचारियों ने एनएफएल मैनेजमेंट से तत्काल संवाद और समस्या का समाधान करने की मांग की।